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पेरिस शहर किस नदी के तट पर स्थित है?
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Detailed Explanation
पेरिस सीन नदी के तट पर स्थित है।
Related Questions
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) के अंतर्गत संसद की कानून बनाने की शक्ति और उसकी प्रादेशिक सीमा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार, संसद को भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है, तथा संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता है कि उसका प्रभाव भारत के बाहर 'अतिरिक्त-प्रादेशिक' (Extra-territorial operation) है।
2. संविधान के अनुच्छेद 249 के अंतर्गत, यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर कानून बनाए, तो संसद उस विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
3. जब दो या अधिक राज्य के विधानमंडल इस आशय के प्रस्ताव पारित करके संसद से अनुरोध करते हैं कि राज्य सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा कानून बनाया जाए, तो संसद केवल उन्हीं राज्यों के लिए कानून बना सकती है जिन्होंने ऐसा अनुरोध किया है, किंतु बाद में अन्य कोई भी राज्य विधानमंडल उस अधिनियम को अपने यहां अंगीकृत (Adopt) कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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अढ़ाई दिन का झोपड़ा स्मारक किस शहर में स्थित है?
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भारतीय इतिहास और मध्यकालीन प्रशासन के संदर्भ में, सल्तनत कालीन और मुगलकालीन राजस्व व्यवस्था तथा 'मंसबदारी प्रणाली' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुगल सम्राट अकबर द्वारा आरम्भ की गई मंसबदारी प्रणाली में 'जात' और 'सवार' पद यह निर्धारित करते थे कि संबंधित मंसबदार का व्यक्तिगत दर्जा (पदानुक्रम) क्या है और उसे अपने सैन्य दल में कितने घोड़ों और घुड़सवार सैनिकों का रखरखाव करना होगा, तथा इस व्यवस्था की मूल प्रेरणा मंगोलों की सैन्य और प्रशासनिक संरचना (दशमलव प्रणाली) से ली गई थी।
2. सल्तनत काल के दौरान अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सैन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 'हुलिया' (सैनिकों का वर्णनात्मक रिकॉर्ड) रखने और 'चेहरा व दाग' (घोड़ों को दागने) की प्रथा को सख्ती से लागू किया था, और कृषि भूमि पर सीधे कर निर्धारण के लिए उसने 'खराज' की दर को बढ़ाकर उपज का आधा (50 प्रतिशत) कर दिया था।
3. मुगल शासनकाल में 'मदद-ए-मामाश' (या सयूरगल) राज्य द्वारा विद्वानों, धार्मिक व्यक्तियों और जरूरतमंदों को दी जाने वाली कर-मुक्त भूमि अनुदान थी, जिसे वंशानुगत (Hereditary) रूप से किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जा सकता था और औरंगजेब के शासनकाल में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'हरित债券' (Green Bonds) और भारत में सतत वित्तपोषण (Sustainable Finance) की पहलों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हरित बॉन्ड एक प्रकार का निश्चित आय वाला साधन है जिसका उपयोग विशेष रूप से जलवायु-अनुकूल और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ परियोजनाओं, जैसे कि नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ परिवहन के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
2. भारत सरकार के केंद्रीय बजट 2022-23 की घोषणा के अनुसरण में, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने देश में हरित अवसंरचना के लिए संसाधन जुटाने हेतु 'संप्रभु हरित बॉन्ड' (Sovereign Green Bonds - SGrBs) के फ्रेमवर्क को मंजूरी दी है, जिसके तहत जारी किए जाने वाले इन बॉन्डों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
3. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हरित बॉन्डों के लिए बाजार की अखंडता और पारदर्शिता बनाए रखने हेतु 'ग्रीन बॉन्ड प्रिंसिपल्स' (Green Bond Principles) को अंतर्राष्ट्रीय पूंजी बाजार संघ (ICMA) द्वारा जारी किया जाता है, जो निवेशकों को यह सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग वास्तव में हरित परियोजनाओं के लिए ही किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) और उसकी न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम, परिहार या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति कार्यपालिका की कार्यकारी शक्ति का विस्तार है, जिसका प्रयोग वह मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना अपने स्वविवेक से कर सकती है।
2. 'एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) बनाम भारत संघ' या ऐतिहासिक 'ईश्वर सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' तथा 'केहर सिंह बनाम भारत संघ (1989)' मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति की न्यायिक समीक्षा पूरी तरह से वर्जित है और इसके आदेशों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
3. सर्वोच्च न्यायालय ने हाल के निर्णयों में यह प्रतिपादित किया है कि यदि राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका पर निर्णय लेने में अत्यधिक, अनपेक्षित और अमानवीय देरी की जाती है, तो इस प्रक्रियागत देरी (Procedural Delay) के आधार पर मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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