BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
21 views

शोषण के विरुद्ध अधिकार किन अनुच्छेदों में शामिल है?

Detailed Explanation

शोषण के विरुद्ध अधिकार अनुच्छेद 23 और 24 में दिए गए हैं।
Share:

Related Questions

→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की जाने वाली 'रिट अधिकारिता' (Writ Jurisdiction) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्प्रेषण (Certiorari) और प्रतिषेध (Prohibition) दोनों ही न्यायिक और अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों के विरुद्ध जारी की जाने वाली रिट हैं, जिसमें मुख्य अंतर यह है कि 'प्रतिषेध' कार्यवाही को रोकने के लिए केवल तब जारी किया जाता है जब मामला विचाराधीन (Pendency) हो, जबकि 'उत्प्रेषण' अधीनस्थ न्यायालय द्वारा निर्णय दिए जाने के बाद उसके आदेश या निर्णय को रद्द करने के लिए जारी किया जाता है। 2. अधिकार-पृच्छा (Quo-Warranto) रिट किसी सार्वजनिक पद पर किसी व्यक्ति के अवैध दावे या दखल को रोकने के लिए जारी की जाती है, और इस रिट को दायर करने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि याचिकाकर्ता स्वयं उस पद का दावेदार हो या उसके किसी मौलिक अधिकार का सीधा हनन हुआ हो, बल्कि इसे किसी भी заинтересоत (Interested) व्यक्ति द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। 3. परमादेश (Mandamus) रिट का प्रयोग किसी भी सार्वजनिक अधिकारी, लोक निकाय, निगम, या यहाँ तक कि भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के विरुद्ध उनके संवैधानिक या विधिक कर्तव्यों का पालन न करने की स्थिति में उनके विरुद्ध अनिवार्य रूप से जारी किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → चर्चा में रहा मोंगला बंदरगाह किस देश में स्थित है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' (राज्य के नीति निदेशक तत्व - अनुच्छेद 36 से 51) के अंतर्गत उल्लिखित प्रावधानों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत राज्य को यह निर्देश दिया गया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि विधिक तंत्र (Legal system) इस प्रकार से काम करे कि समान अवसर के आधार पर न्याय सुलभ हो, और विशेष रूप से आर्थिक या अन्य असमर्थताओं के कारण किसी भी नागरिक को न्याय के अवसर से वंचित न किया जाए, जिसके क्रियान्वयन के लिए संसद ने 'विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1983' (Legal Services Authorities Act, 1983) को अधिनियमित किया था। 2. संविधान के अनुच्छेद 40 के तहत राज्य को ग्राम पंचायतों के संगठन के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान किए जा सकें, और यह निर्देशक सिद्धांत मुख्य रूप से गांधीवादी विचारधारा (Gandhian Ideology) पर आधारित है। 3. संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य, भारत के पूरे राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए 'एक समान सिविल संहिता' (Uniform Civil Code) को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, और यह सिद्धांत प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ है कि यदि कोई राज्य इस प्रावधान को अपने क्षेत्र में लागू करने में विफल रहता है, तो देश का कोई भी नागरिक सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय में सीधे रिट याचिका दायर करके इसे लागू करने का आदेश प्राप्त कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच के क्षेत्र को क्या कहा जाता है? → वुलर झील किस केंद्र शासित प्रदेश/राज्य में स्थित है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.