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फिरदौसी सिलसिले के संस्थापक कौन थे?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
फिरदौसी सिलसिला सुहरावर्दी सिलसिले की ही एक शाखा थी, जिसके संस्थापक शेख बदरुद्दीन समरकंदी थे।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत प्रदत्त 'संवैधानिक उपचारों के अधिकार' (Article 32) और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की जाने वाली 'रिट' (Writs) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए निर्देश, आदेश या रिट (जिनमें बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण शामिल हैं) जारी करने का मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction) प्राप्त है, जो कि अनन्य (Exclusive) नहीं है क्योंकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों को भी यह शक्ति प्राप्त है।
2. 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) रिट का शाब्दिक अर्थ 'को शरीर को प्रस्तुत किया जाए' है, जिसे सार्वजनिक प्राधिकरण या निजी व्यक्ति दोनों के विरुद्ध अवैध नजरबंदी के खिलाफ जारी किया जा सकता है, तथा यह किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने का एक अत्यंत शक्तिशाली उपाय है।
3. 'अधिकार-पृच्छा' (Quo-Warranto) रिट किसी सार्वजनिक पद पर किसी व्यक्ति के दावे की वैधता की जांच करने के लिए जारी की जाती है, और इस रिट को दायर करने के लिए यह आवश्यक है कि याचिकाकर्ता स्वयं उस पद पर नियुक्ति के लिए पीड़ित या प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित व्यक्ति (Aggrieved Person) हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक' (Comptroller and Auditor General of India - CAG) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित वारंट द्वारा की जाती है, और उसे उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक भारत की संचित निधि तथा प्रत्येक राज्य और संघ राज्य क्षेत्र, जहाँ विधानसभा है, की संचित निधि से होने वाले सभी खर्चों की लेखापरीक्षा करता है, किंतु वह केंद्र सरकार या राज्य सरकारों के सार्वजनिक उपक्रमों (Public Sector Undertakings) और सरकारी कंपनियों की लेखापरीक्षा करने का कोई सांविधिक अधिकार नहीं रखता है, क्योंकि यह अधिकार पूरी तरह से निजी लेखा परीक्षकों (Chartered Accountants) के पास होता है।
3. CAG अपनी लेखापरीक्षा रिपोर्टों को राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाया जाता है, तथा लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) इन रिपोर्टों की विस्तार से जाँच करती है और CAG संसद के एक मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में इस समिति की बैठकों में सहायता करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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किस अधिवेशन में पहली बार 'स्वराज' शब्द का प्रयोग किया गया था?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं लोक वित्त के संदर्भ में, 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन' (Public Debt Management) और ट्रेजरी बिल (Treasury Bills) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्रेजरी बिल (T-Bills) भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक मौद्रिक उपकरण (Short-term money market instruments) हैं, जिन्हें वर्तमान में तीन अवधियों— 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन के लिए जारी किया जाता है, और ये शून्य-कूपन बांड (Zero-coupon bonds) के रूप में कार्य करते हैं जिन पर कोई निश्चित ब्याज दर नहीं दी जाती बल्कि इन्हें अंकित मूल्य से छूट पर बेचा जाता है।
2. भारत में केंद्र सरकार के सभी प्रकार के आंतरिक और बाह्य ऋणों के प्रबंधन की वैधानिक जिम्मेदारी और कार्यकारी नियंत्रण सीधे तौर पर 'भारतीय रिजर्व बैंक' (RBI) के पास निहित है, और इसमें केंद्र सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती है।
3. 'अर्थोपाय अग्रिम' (Ways and Means Advances - WMA) केंद्र और राज्य सरकारों को आरबीआई द्वारा प्रदान की जाने वाली एक अस्थायी ऋण सुविधा है, जिसका उपयोग उनकी प्राप्तियों और भुगतानों के बीच के अस्थायी असंतुलन (Cash flow mismatches) को पाटने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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पृथ्वी का आकार कैसा है?
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