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Indian Polity
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सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?
✓ Correct! Well done.
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Detailed Explanation
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित है।
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सन-हेम्प (Sun-hemp) रेशे किससे प्राप्त किए जाते हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की अंतरिम कार्यप्रणाली तथा उसकी समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के गठन के लिए हुए चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों की 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 सीटें और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि देसी रियासतें (Princely States) शुरुआत में इस निर्वाचन प्रक्रिया से अलग रहीं क्योंकि उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था न कि निर्वाचित होकर आना था।
2. संविधान सभा की कुल समितियों में संघीय संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति और संचालन समिति जैसी प्रमुख समितियां शामिल थीं, जिनमें प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।
3. संविधान सभा द्वारा कुल 11 सत्रों (Sessions) में कार्य किया गया, और संविधान के प्रारूप (Draft) पर विचार करने के लिए कुल 114 दिनों तक बहस चली, तथा 26 नवंबर 1949 को जब संविधान को अंगीकृत किया गया, उस समय संविधान सभा के कुल 299 उपस्थित सदस्यों में से 284 सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग III के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों (Fundamental Rights) और उनके न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 13 के खंड (2) के अंतर्गत राज्य ऐसा कोई कानून नहीं बना सकता जो भाग III द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को छीनता हो या न्यून करता हो, और इस प्रकार का कोई भी कानून उल्लंघन की मात्रा तक शून्य (Void) होगा, तथा सर्वोच्च न्यायालय को अनुच्छेद 32 के तहत और उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत यह न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति प्रदान की गई है।
2. 'शक्तिकरण का सिद्धांत' (Doctrine of Severability) यह सुनिश्चित करता है कि यदि किसी अधिनियम का कोई भाग या उपबंध मूल अधिकारों के असंगत है, तो केवल वही असंगत भाग शून्य घोषित किया जाएगा, न कि पूरा अधिनियम, बशर्ते वह असंगत भाग शेष अधिनियम से इस प्रकार जुड़ा न हो कि उसे अलग करने पर पूरा कानून ही निरर्थक या निष्प्रभावी हो जाए।
3. 'अधिग्रहण का सिद्धांत' (Doctrine of Eclipse) उन पूर्व-संवैधानिक (Pre-Constitutional) विधियों पर पूर्ण रूप से लागू होता है जो संविधान लागू होने से पहले बनाई गई थीं और मूल अधिकारों से असंगत थीं, और ऐसी विधियाँ पूरी तरह से समाप्त (Dead) हो जाती हैं तथा भविष्य में किसी भी संवैधानिक संशोधन के माध्यम से उन्हें कभी भी पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्यीय विधायी तथा प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोकहित में अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्रदान की गई है, तथा यह परिषद् केवल एक विधिक (Statutory) निकाय है क्योंकि इसका गठन वर्ष 1990 में राष्ट्रपति द्वारा सरकारी आयोग (Sarkaria Commission) की संस्तुति के पश्चात एक कार्यकारी संकल्प के माध्यम से किया गया था, न कि सीधे संविधान के अनुच्छेद द्वारा स्वतः।
2. अंतर-राज्यीय परिषद् की संरचना में प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते हैं, तथा राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिमंडल के स्तर के छह मंत्री भी इसके सदस्यों के रूप में नामित किए जाते हैं।
3. अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-राज्यीय परिषद् की मुख्य भूमिका राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करना, ऐसे विषयों पर चर्चा करना जिनमें राज्यों या केंद्र और एक या अधिक राज्यों के सामान्य हित हों, तथा बेहतर समन्वय के लिए नीतिगत सिफारिशें देना है, और इस परिषद् द्वारा दिया गया प्रत्येक निर्णय या आदेश सभी संबंधित राज्यों और केंद्र सरकार पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Binding) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संविधान के अनुसार लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या कितनी निर्धारित है?
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