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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की अंतरिम कार्यप्रणाली तथा उसकी समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के गठन के लिए हुए चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों की 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 सीटें और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि देसी रियासतें (Princely States) शुरुआत में इस निर्वाचन प्रक्रिया से अलग रहीं क्योंकि उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था न कि निर्वाचित होकर आना था।
  2. 2. संविधान सभा की कुल समितियों में संघीय संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति और संचालन समिति जैसी प्रमुख समितियां शामिल थीं, जिनमें प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।
  3. 3. संविधान सभा द्वारा कुल 11 सत्रों (Sessions) में कार्य किया गया, और संविधान के प्रारूप (Draft) पर विचार करने के लिए कुल 114 दिनों तक बहस चली, तथा 26 नवंबर 1949 को जब संविधान को अंगीकृत किया गया, उस समय संविधान सभा के कुल 299 उपस्थित सदस्यों में से 284 सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: जुलाई-अगस्त 1946 में संविधान सभा के लिए हुए चुनावों में ब्रिटिश भारत की 296 सीटों में से कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिली थीं। देसी रियासतों के 93 प्रतिनिधि शुरुआती दौर में संविधान सभा से दूर रहे क्योंकि उनका चयन रियासतों के शासकों द्वारा नामांकन के आधार पर होना था। कथन 2 सही है: संविधान सभा की प्रमुख समितियों में सरदार वल्लभभाई पटेल 'प्रांतीय संविधान समिति' और 'मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों पर सलाहकार समिति' के अध्यक्ष थे, जबकि डॉ. राजेंद्र प्रसाद 'संचालन समिति' और 'प्रक्रिया नियम समिति' के अध्यक्ष थे। कथन 3 सही है: संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे, इसके कुल 11 सत्र हुए, प्रारूप पर 114 दिन बहस हुई, और 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किए जाने के समय उपस्थित 284 सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए थे। संविधान निर्माण से जुड़ी संपूर्ण जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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