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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नरम दल के नेता मुख्य रूप से किसमें विश्वास रखते थे?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नरम दल के नेता प्रार्थना, याचिका और संवैधानिक सुधारों के माध्यम से ब्रिटिश शासन में सुधार चाहते थे।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) तथा 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General for India - अनुच्छेद 76) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ऐसे व्यक्ति को की जाती है जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित (Qualified) है, तथा संविधान में महान्यायवादी के लिए कोई निश्चित कार्यकाल निर्धारित नहीं किया गया है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) पद धारण करता है।
2. भारत के महान्यायवादी को देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों और संसद की किसी भी समिति (जिसका वह सदस्य नामित किया गया हो) में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
3. महान्यायवादी भारत सरकार का पूर्णकालिक विधि अधिकारी (Full-time legal officer) होता है, और संविधान के नियमों के अनुसार वह किसी भी निजी कानूनी प्रैक्टिस या मुक़दमे में सरकार के विरुद्ध पैरवी नहीं कर सकता है, क्योंकि यह उसके पेशेवर आचरण के विरुद्ध एक सांविधिक प्रतिबंध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय धाराओं' (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनके संचालन को प्रभावित करने वाले कारकों और इसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय धाराओं की दिशा मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाले कोरिओलिस बल (Coriolis Force) द्वारा निर्धारित होती है, जिसके प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में धाराएँ अपनी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित हो जाती हैं, जबकि भूमध्य रेखा (Equator) पर कोरिओलिस बल अधिकतम होता है।
2. 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) चक्र के दौरान, पश्चिमी प्रशांत महासागर में असामान्य रूप से ठंडे पानी का जमाव हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है और सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जाती है।
3. अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म महासागरीय धारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहते हुए पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के जलवायु को समशीतोष्ण बनाए रखती है और सर्दियों में भी यहाँ के बंदरगाहों को बर्फ से मुक्त रखती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश की प्रकृति क्या है?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, समुद्री धाराओं (Ocean Currents) के निर्माण, संचरण और उनके प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय धाराएँ समुद्र के भीतर जल की एक निश्चित दिशा में निरंतर गति होती है, जो मुख्य रूप से प्रचलित हवाओं (Prevailing Winds), पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिऑलिस बल (Coriolis Force), और महासागरीय जल के तापमान एवं लवणता में भिन्नता (Density Differences) से प्रभावित होती हैं।
2. उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय धाराएँ कोरिऑलिस बल के प्रभाव के कारण अपनी मूल दिशा से दाईं ओर (Clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर (Anti-clockwise) विक्षेपित हो जाती हैं, जो वायुमंडलीय परिसंचरण के प्रतिचक्रवात (Anticyclone) प्रतिरूप के समरूप होती हैं।
3. 'ग्रैंड बैंक' (Grand Banks) न्यूफाउंडलैंड के पास स्थित एक प्रमुख मत्स्यन क्षेत्र है, जहाँ गल्फ स्ट्रीम (एक गर्म धारा) और लैब्राडोर (एक ठंडी धारा) का मिलन होता है, जिसके परिणामस्वरूप वहाँ वर्षभर शांत मौसम, उच्च तापमान और सघन मेघों रहित आसमान जैसी अनुकूल परिस्थितियाँ बनती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यरेखीय प्रतिधाराओं' (Equatorial Counter-Currents) की उत्पत्ति और उनकी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूमध्यरेखीय प्रतिधाराएँ पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली उत्तर और दक्षिण विषुवतीय धाराओं (Equatorial Currents) के ठीक विपरीत दिशा में, यानी पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं।
2. इन धाराओं की उत्पत्ति का मुख्य कारण दोनों गोलार्धों की व्यापारिक हवाओं (Trade Winds) द्वारा महासागरीय जल को पश्चिम की ओर धकेले जाने के कारण भूमध्यरेखीय क्षेत्र में जल का अत्यधिक संचय होना और इसके परिणामस्वरूप पश्चिम से पूर्व की ओर एक दाब प्रवणता (Pressure Gradient) का निर्माण होना है।
3. अटलांटिक और प्रशांत महासागरों में भूमध्यरेखीय प्रतिधाराएँ वर्ष भर समान रूप से प्रबल और स्थिर बनी रहती हैं, क्योंकि यहाँ मानसूनी पवनों का इन महासागरों पर कोई मौसमी प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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