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भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील कौन सी है?

Detailed Explanation

पुलीकट झील भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है।
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म्यांमार के नए राष्ट्रपति के रूप में किसने शपथ ली है, जो पहले देश के सैन्य प्रमुख (Junta Chief) थे? भारतीय इतिहास, कला और संस्कृति के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान 'सूफी सिलसिले' (Sufi Orders) और उनकी कार्यप्रणालियों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सल्तनत काल में भारत में स्थापित होने वाला 'चिश्ती सिलसिला' (Chishti Silsila) अत्यधिक लोकप्रिय हुआ, जिसकी स्थापना भारत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा अजमेर में की गई थी, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य के संरक्षण और राजकीय पदों को स्वीकार करने की नीति का कड़ाई से पालन किया ताकि वे सुल्तानों के प्रभाव से दूर रह सकें। 2. 'सुहरावर्दी सिलसिला' (Suhrawardi Silsila), जिसकी स्थापना भारत में शेख बहाउद्दीन जकारिया द्वारा मुख्य रूप से सिंध और मुल्तान क्षेत्र में की गई थी, चिश्ती सिलसिले के विपरीत राजकीय संरक्षण और शाही अनुदान (Jagirs/Grants) को स्वीकार करने में संकोच नहीं करता था तथा भौतिक सुख-सुविधाओं और धन के संचय को आध्यात्मिक जीवन के बाधक के रूप में नहीं देखता था। 3. 'फिरदौसी सिलसिला' (Firdausi Silsila), जो सुहरावर्दी सिलसिले की ही एक शाखा थी, विशेष रूप से बिहार के क्षेत्र में अत्यंत सक्रिय रहा, और इस सिलसिले के प्रसिद्ध संत शेख बदरुद्दीन समरकंदी तथा शेख शरफद्दीन याहिया मनेरी थे, जिन्होंने जनता के बीच आध्यात्मिक मार्गदर्शन के साथ-साथ सामाजिक कल्याण के कार्यों पर भी बल दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' (मूल अधिकार) के अंतर्गत 'अनुच्छेद 21' (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) तथा 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' और 'विधि की सम्यक् प्रक्रिया' की अवधारणाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure established by law) के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं, जिसका अर्थ है कि यह अवधारणा मुख्य रूप से विधायिका द्वारा बनाई गई प्रक्रिया की वैधता की जाँच करती है, न कि उस कानून के न्यायसंगत या उचित होने की। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 1978 के ऐतिहासिक 'मेनका गांधी मामले' के उपरांत 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' के पारंपरिक दायरे का विस्तार किया और अमेरिकी संविधान से प्रेरित होकर 'विधि की सम्यक् प्रक्रिया' (Due process of law) के सिद्धांतों को भी इसके भीतर समाहित कर लिया, जिसके तहत अब न्यायालय यह भी परीक्षण करता है कि कानून केवल निष्पक्ष और स्पष्ट ही नहीं, बल्कि न्यायसंगत, तर्कसंगत और गैर-मनमाने ढंग से बनाया गया है या नहीं। 3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मिलने वाले अधिकारों की सुरक्षा केवल भारतीय नागरिकों के लिए ही उपलब्ध है, तथा आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति के आदेश द्वारा अनुच्छेद 21 को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, प्राचीन भारतीय वास्तुकला की 'द्रविड़ शैली' (Dravidian Style) और इसके विशिष्ट लक्षणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. द्रविड़ शैली के मंदिरों का मुख्य प्रवेश द्वार 'गोपुरम' (Gopuram) कहलाता है, जो आकार में मुख्य मंदिर के विमान (Shikhara) से भी अधिक ऊँचा और भव्य होता है। 2. इस शैली के मंदिरों में गर्भगृह के ऊपर बनी पिरामिडनुमा बहु-मंज़िला संरचना 'विमान' कहलाती है, जिसके शीर्ष पर नागर शैली के 'अमलक' के स्थान पर एक अष्टकोणीय या गोलाकार 'स्तूपिका' (Stupika या Shikharam) स्थापित होती है। 3. द्रविड़ वास्तुकला की एक अन्य प्रमुख विशेषता 'मंडप' और 'हजार खंभों वाले हॉल' (Thousand-Pillared Halls) का होना है, तथा मंदिर परिसर के भीतर अनुष्ठानिक स्नान के लिए एक विशाल जलकुंड (Water Tank) का निर्माण भी इस शैली की अनिवार्य विशेषता रही है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 129' और 'अनुच्छेद 215' के अंतर्गत 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) तथा 'न्यायिक अवमानना' (Contempt of Court) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय और अनुच्छेद 215 के अनुसार उच्च न्यायालय 'अभिलेख न्यायालय' होते हैं, जिसका अर्थ यह है कि उनके सभी निर्णय, अभिलेख और न्यायिक कार्यवाही स्थायी स्मरण और साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखे जाते हैं और किसी भी अन्य न्यायालय में उनकी प्रामाणिकता पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता है। 2. 'न्यायिक अवमानना अधिनियम, 1971' के अंतर्गत अवमानना को 'सिविल अवमानना' (Civil Contempt) और 'आपराधिक अवमानना' (Criminal Contempt) में वर्गीकृत किया गया है, और आपराधिक अवमानना के अंतर्गत किसी न्यायिक कार्यवाही की निष्पक्षता को पूर्वाग्रहित करना या न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप करना शामिल है। 3. 'प्रशांत भूषण अवमानना मामला (2020)' और 'बरवारा मामला' में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(a)) असीमित नहीं है और न्यायालय की आलोचना के नाम पर न्यायपालिका की गरिमा को धूमिल करने वाले बयानों पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए उच्च न्यायालयों को भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बिना आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का पूर्ण अधिकार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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