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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'अस्पृश्यता का उन्मूलन' किया गया है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता को समाप्त करता है और इसका अभ्यास निषिद्ध है।
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सुमेलित कीजिए: (A) सुत्त पिटक, (B) विनय पिटक, (C) अभिधम्म पिटक। सही कूट चुनें? भारत के किस राज्य को 'देवभूमि' के नाम से जाना जाता है? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XX' के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया (Amendment of the Constitution - Article 368) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान का संशोधन करने की पहल केवल संसद के किसी भी सदन में एक विधेयक प्रस्तुत करके की जा सकती है, और इस प्रयोजन के लिए राज्य विधानमंडलों द्वारा संशोधन विधेयक लाने की कोई शक्ति नहीं दी गई है। 2. संविधान के कुछ विशिष्ट प्रावधानों (जैसे राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया या संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार) में संशोधन के लिए यह अनिवार्य है कि विधेयक को संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित किए जाने के अलावा, कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थित (Ratified) किया जाए। 3. केशवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 368 के तहत अपनी संशोधन शक्ति का प्रयोग करते हुए संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) को प्रभावित या नष्ट नहीं कर सकती है, किंतु संसद संविधान के 'भाग III' (मौलिक अधिकार) के किसी भी प्रावधान को पूर्ण रूप से निरस्त करने का असीमित अधिकार रखती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' (Quit India Movement) और उससे संबंधित घटनाक्रमों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित होने के ठीक अगले दिन, यानी 9 अगस्त 1942 की सुबह, 'ऑपरेशन जीरो आवर' (Operation Zero Hour) के तहत महात्मा गांधी और कांग्रेस के अन्य शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। 2. इस आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेंका गया और समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई, जिसमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, तामलुक (मिदनापुर) में 'जातीय सरकार' के तहत और सतारा में 'प्रति सरकार' (Prati Sarkar) सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकारों में शामिल थीं। 3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने कांग्रेस के इस आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया था क्योंकि उस समय सोवियत संघ पर जर्मनी के आक्रमण के बाद कम्युनिस्टों ने इसे 'साम्राज्यवादी युद्ध' से बदलकर 'जनता के युद्ध' (People's War) के रूप में देखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में, वर्ष 1922 में घटित 'चौरी-चौरा कांड' और उसके पश्चात महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन को वापस लेने के निर्णय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चौरी-चौरा की घटना के बाद गांधीजी ने बारामولی (Bardoli) में कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक बुलाई, जहाँ आंदोलन को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्णय लिया गया और देश के अन्य हिस्सों में चल रहे सविनय अवज्ञा आंदोलनों को भी रोकने का आदेश दिया गया। 2. इस घटना से क्षुब्ध होकर सुभाष चंद्र बोस और चित्तरंजन दास जैसे युवा नेताओं ने गांधीजी के इस निर्णय की कड़ी आलोचना की, जबकि जवाहरलाल नेहरू और मोतीलाल नेहरू ने इस निर्णय को एक रणनीतिक और व्यावहारिक कदम मानकर इसका पूर्ण समर्थन किया। 3. आंदोलन की अचानक वापसी के विरोध में वर्ष 1923 में चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस के भीतर ही 'स्वराज पार्टी' (Swaraj Party) की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य परिषदों में प्रवेश कर सरकार की नीतियों में बाधा डालना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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