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मानचित्रों में 'रूढ़ प्रतीक' (Conventional Symbols) का क्या अर्थ है?

Detailed Explanation

रूढ़ प्रतीकों के उपयोग के संबंध में अंतरराष्ट्रीय सहमति होती है, जिससे मानचित्र का अध्ययन आसान हो जाता है।
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भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, प्राचीन भारत की प्रमुख बौद्ध वास्तुकला और स्थापत्य कला (Buddhist Architecture) के अंतर्गत 'चैत्य' (Chaitya) और 'विहार' (Vihara) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन बौद्ध वास्तुकला में 'चैत्य' वस्तुतः एक आयताकार प्रार्थना हॉल या पूजा गृह होता था जिसके अंत में एक स्तूप स्थित होता था, जबकि 'विहार' बौद्ध भिक्षुओं के निवास और विश्राम के लिए बनाए गए आवासीय कक्ष होते थे। 2. अधिकांश प्रारंभिक चैत्य गृहों और विहारों का निर्माण चट्टानों को काटकर (Rock-cut architecture) किया गया था, जिनमें पश्चिमी भारत की गुफाएँ (जैसे कार्ले, भजा, अजंता और एलोरा) प्रमुख उदाहरण हैं, और इनमें लकड़ी के तत्वों (Wooden facades) का अनुकरण करने की अनूठी विशेषता पाई जाती है। 3. हीनयान (Theravada) और महायान (Mahayana) दोनों ही बौद्ध परंपराओं के काल में चैत्य और विहारों की वास्तुकला में कोई परिवर्तन नहीं आया, तथा महायान काल के दौरान भी विहारों में केवल साधारण आवासीय कक्ष ही बनाए गए, जिनमें बुद्ध की मूर्तियों या पूजा स्थलों के लिए किसी भी प्रकार के गर्भगृह या कक्ष का प्रावधान नहीं किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग X' (अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र - अनुच्छेद 244 और 244A) तथा 'अनुसूचियों 5 और 6' के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की पाँचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से भिन्न किसी भी राज्य में 'अनुसूचित क्षेत्रों' (Scheduled Areas) के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित है, और किसी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने या उसकी सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति केवल संसद के पास निहित होती है, जबकि छठी अनुसूची पूर्वोत्तर के चार राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम) के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के लिए स्वायत्त जिला परिषदों (ADCs) के गठन का प्रावधान करती है। 2. छठी अनुसूची के अंतर्गत गठित स्वायत्त जिला परिषदों (ADCs) को भूमि, वิง, सामाजिक रीति-रिवाजों, विवाह और उत्तराधिकार जैसे विशिष्ट विषयों पर कानून बनाने की विधायी शक्ति प्राप्त है, किंतु इन परिषदों द्वारा बनाए गए सभी नियम और कानून संबंधित राज्य के राज्यपाल की अनुमति (Assent) मिलने के बाद ही प्रभावी होते हैं। 3. राज्यपाल को पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्रों के संदर्भ में यह विशेष शक्ति प्राप्त है कि वह संसद या राज्य विधानमंडल के किसी विशिष्ट अधिनियम को उस अनुसूचित क्षेत्र में लागू न करे या उसमें आवश्यक अपवाद एवं संशोधन (Exceptions and Modifications) कर सके, तथा वह अनुसूचित क्षेत्रों की शांति और अच्छी शासन व्यवस्था के लिए नियम भी बना सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन (President's Rule) तथा उससे संबंधित न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति शासन की घोषणा के संबंध में 'एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में उच्चतम न्यायालय की नौ-सदस्यीय संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति द्वारा राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल होने की घोषणा न्यायिक पुनरावलोकन के दायरे से पूरी तरह बाहर है, क्योंकि यह पूरी तरह से कार्यपालिका की संप्रभु और राजनीतिक संतुष्टि का विषय है। 2. अनुच्छेद 356 के तहत संसद के दोनों सदनों द्वारा राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा का अनुमोदन दो माह के भीतर सामान्य बहुमत (Simple Majority) से किया जाना अनिवार्य है, तथा एक बार अनुमोदित होने के बाद यह अधिकतम तीन वर्ष तक जारी रह सकता है, बशर्ते हर छह महीने पर इसका पुनरनुमोदन किया जाए और इस अवधि के दौरान अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो या निर्वाचन आयोग यह प्रमाणित करे कि राज्य में तत्काल चुनाव कराना संभव नहीं है। 3. 'एस. आर. बोम्मई मामले' में यह भी निर्धारित किया गया था कि यदि राष्ट्रपति द्वारा की गई राज्य विधानसभा की विघटन या निलंबन की घोषणा को न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित कर दिया जाता है, तो न्यायालय के पास यह शक्ति है कि वह भंग की गई विधानसभा को पुनर्जीवित कर सकता है और सरकार को बहाल कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-B' के अंतर्गत सहकारी समितियों (Cooperative Societies) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा संविधान में 'भाग IX-B' जोड़ा गया, जिसके तहत सहकारी समितियों का गठन करना एक मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19 के तहत) बना दिया गया तथा सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज और लोकतांत्रिक नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) में अनुच्छेद 43B जोड़ा गया। 2. इस भाग के प्रावधानों के अनुसार, किसी सहकारी समिति के बोर्ड में निदेशकों की अधिकतम संख्या 21 से अधिक नहीं हो सकती है, तथा राज्य की विधायिका यह उपबंध कर सकती है कि बोर्ड में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी। 3. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक निर्णय (यंग इंडियन बनाम भारत संघ मामले में) में 97वें संविधान संशोधन के उन सभी प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित कर दिया जो राज्यों की विशेष विधायी शक्ति के अंतर्गत आते थे, क्योंकि इस संशोधन को अधिनियमित करने से पहले संविधान के अनुच्छेद 368(2) के परंतुक के अनुसार देश के आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त नहीं किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में 'आर्द्रभूमियों' (Wetlands) के संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामसर अभीसमय एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिस पर वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षर किए गए थे, और इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण तथा उनके संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग (Wise use) सुनिश्चित करना है। 2. भारत रामसर अभीसमय का एक contracting party है, और वर्तमान में भारत में रामसर स्थलों के रूप में नामित कुल आर्द्रभूमियों की संख्या सबसे अधिक उत्तर प्रदेश राज्य में है, जबकि क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से सबसे बड़ा रामसर स्थल सुंदरबन (पश्चिम बंगाल) है। 3. 'मोंट्रिक्स रिकॉर्ड' (Montreux Record) रामसर सूची के तहत उन अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों का एक रजिस्टर है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, प्रदूषण या अन्य पर्यावरणीय कारणों से पारिस्थितिकीय स्वरूप में परिवर्तन हुआ है, हो रहा है या होने की संभावना है, और वर्तमान में भारत के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) तथा लोकतक झील (मणिपुर) को इस रिकॉर्ड के अंतर्गत शामिल किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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