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पृथ्वी से चंद्रमा का केवल एक ही भाग दिखाई देने का मुख्य कारण क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिनों में पूरा करता है, और इतने ही समय में वह अपने अक्ष पर भी एक चक्कर पूरा करता है.
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) तथा इसके न्यायिक दायरे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति एक कार्यकारी शक्ति (Executive Power) है, और संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति मृत्युदंड (Death Sentence) सहित किसी भी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार प्रदान कर सकते हैं, जिस पर संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है या जो सैन्य न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिया गया दंडादेश हो।
2. 'एके गोपालन बनाम मद्रास राज्य' और ऐतिहासिक 'इंद्रजीत सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति को अनुच्छेद 72 के तहत अपनी क्षमादान की शक्ति का प्रयोग करने के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह (Aid and Advice) के बिना अपनी स्वतंत्र और अनन्य राजनीतिक इच्छा से निर्णय लेने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
3. 'ईश्वर सिंह बनाम द स्टेट ऑफ पंजाब' तथा 'तजिंदर सिंह सोढ़ी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया' जैसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है कि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का दायरा अत्यंत सीमित है, और यदि राष्ट्रपति द्वारा किसी दया याचिका (Mercy Petition) पर मनमाने ढंग से, दुर्भावनापूर्ण तरीके से या प्रासंगिक तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए निर्णय लिया जाता है, तो उस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, गुप्त काल (Gupta Period) के दौरान हुई कला, विज्ञान और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में वास्तुकला और मूर्तिकला का अभूतपूर्व विकास हुआ, जिसके अंतर्गत उत्तर भारत में नागर शैली (Nagara Style) के मंदिरों की प्रारंभिक विशेषताएँ दिखाई देने लगीं, जैसे कि देवगढ़ का दशावतार मंदिर और भूमरा का शिव मंदिर, जो ईंटों या प्रस्तर से निर्मित शुरुआती पंचायतन शैली के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
2. इस काल में विज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में महान प्रगति हुई, जिसमें आर्यभट्ट द्वारा 'आर्यभट्टीय' की रचना की गई, जिसमें उन्होंने सबसे पहले यह प्रतिपादित किया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर चक्कर लगाती है, तथा सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के वास्तविक वैज्ञानिक कारणों की सटीक व्याख्या की।
3. गुप्त प्रशासनिक व्यवस्था में प्रांतीय प्रशासन को 'भुक्ति' (Bhukti) कहा जाता था, जिसके प्रमुख को 'उपरिक' (Uparika) कहा जाता था, और भुक्तियों का विभाजन 'विषय' (Vishaya) में होता था, जिनका प्रशासन 'विषयपति' द्वारा चलाया जाता था, किंतु प्रशासनिक अधिकारियों का यह पूरा तंत्र वंशानुगत (Hereditary) था और निचले स्तर पर केंद्रीय नियंत्रण लगभग समाप्त हो चुका था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) तथा विभिन्न ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के पर्यावरणीय प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) किसी विशिष्ट ग्रीनहाउस गैस की ऊष्मा-धारण क्षमता को कार्बन डाइऑक्साइड ($ ext{CO}_2$) के सापेक्ष एक निश्चित समय क्षितिज (सामान्यतः 100 वर्ष) में मापता है, जिसका अर्थ है कि $ ext{CO}_2$ का GWP मान हमेशा 1 होता है।
2. वायुमंडल में मीथेन ($ ext{CH}_4$) का GWP मान 100 वर्ष की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में काफी अधिक होता है, किंतु मीथेन का वायुमंडलीय जीवनकाल (Atmospheric Lifetime) $ ext{CO}_2$ की तुलना में बहुत कम (लगभग 12 वर्ष) होता है।
3. क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के अंतर्गत विभिन्न देशों द्वारा अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) और उत्सर्जन रिपोर्टिंग में ग्रीनहाउस गैसों के प्रभावों को मानक रूप से मापने के लिए इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) द्वारा अनुशंसित GWP मूल्यों का उपयोग किया जाता है, जिसमें नाइट्रस ऑक्साइड ($ ext{N}_2 ext{O}$) का GWP मान मीथेन से भी कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' के अंतर्गत 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - DPSP - अनुच्छेद 36 से 51) तथा उनसे संबंधित विभिन्न संशोधनों और न्यायिक निर्णयों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 39A के अंतर्गत 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' (Equal Justice and Free Legal Aid) का प्रावधान मूल संविधान में नहीं था, बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था, और इसके क्रियान्वयन के लिए संसद ने 'विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987' (Legal Services Authorities Act, 1987) अधिनियमित किया था।
2. अनुच्छेद 48A, जो पर्यावरण का संरक्षण तथा संवोधन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा से संबंधित है, को भी 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा ही नीति निर्देशक तत्वों में शामिल किया गया था, जबकि इसी संशोधन के माध्यम से शिक्षा को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद 38 में एक नया खंड (2) जोड़ा गया, जिसके तहत राज्य को विशिष्ट रूप से यह निर्देश दिया गया कि वह आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को कम से कम करने का प्रयास करे।
4. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स वाद (1980)' में यह स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान की नींव 'मूल अधिकार' और 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' दोनों के संतुलन पर टिकी हुई है, और यदि मूल अधिकारों (विशेषकर अनुच्छेद 14 और 19) को प्रभावी बनाने के लिए अनुच्छेद 39(b) या 39(c) के नीति निर्देशक तत्वों को प्राथमिकता दी जाती है, तो ऐसा कानून अनुच्छेद 14 या 19 के उल्लंघन के आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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मंगल पांडे ने 1857 की क्रांति का नेतृत्व कहाँ से किया था?
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