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'नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2026' के अनुसार, भारत अक्षय ऊर्जा क्षमता में विश्व में किस स्थान पर है?

Detailed Explanation

'नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2026' के अनुसार, भारत अपनी स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर है।
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भारतीय इतिहास और मध्यकालीन प्रशासन के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान 'दीवान-ए-आरिज' (Diwan-e-Ariz) विभाग और सैन्य संगठन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'दीवान-ए-आरिज' विभाग की स्थापना सुल्तान बलबन द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के सैन्य मामलों का प्रबंधन करना और सेना की सीधी देखरेख, भर्ती तथा निरीक्षण करना था, हालांकि सेना का सर्वोच्च कमांडर (प्रमुख) सुल्तान स्वयं होता था। 2. इस विभाग के प्रमुख अधिकारी को 'आरिज-ए-मुमालिक' कहा जाता था, जिसका मुख्य कार्य सैनिकों के हुलिया का पंजीकरण करना और घोड़ों को दागने की व्यवस्था को लागू करना था ताकि सेना में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को रोका जा सके। 3. सल्तनत काल में सैन्य व्यवस्था मूल रूप से 'इक्ता' प्रणाली और 'हश्म-ए-कल्ब' (केन्द्रीय सेना) पर आधारित थी, जिसमें बलबन ने तुर्क अमीरों के प्रभाव को संतुलित करने और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए शाही सेना को अत्यधिक पेशेवर और वफादार बनाने पर विशेष बल दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) और इसकी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति एक कार्यपालिका शक्ति (Executive Power) है, और संविधान के अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति को सेना न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए प्रत्येक मामले में मृत्युदंड को क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने का अनन्य संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, जिसके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती है। 2. ऐतिहासिक 'इEपुर सुधाकर राव बनाम आंध्र प्रदेश राज्य (2006)' और 'एपिगैटा राव' वादों सहित सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह के अधीन होता है, तथा इस शक्ति का प्रयोग किसी भी प्रकार के राजनीतिक पक्षपात या मनमाने ढंग से नहीं किया जा सकता है। 3. सर्वोच्च न्यायालय ने 'केहर सिंह बनाम भारत संघ (1989)' वाद में यह निर्धारित किया था कि राष्ट्रपति को अनुच्छेद 72 के तहत दया याचिका पर निर्णय लेते समय यह आवश्यक नहीं है कि वह दोषी के न्यायिक रिकॉर्ड या अदालती दस्तावेजों का पुनर्मूल्यांकन करे, क्योंकि न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद राष्ट्रपति की यह शक्ति पूरी तरह से एक कार्यकारी अनुग्रह (Executive Grace) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और उससे संबंधित विधिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना वर्ष 2010 में 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम' के तहत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों का प्रभावी और तीव्र गति से निपटारा करना है। 2. यह अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत निर्धारित सख्त न्यायिक प्रक्रियाओं और नियमों से पूरी तरह बाध्य है, और इसे अपने समक्ष आने वाले मामलों की सुनवाई करते समय 'नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों' (Principles of Natural Justice) का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती है। 3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्णयों या आदेशों के विरुद्ध अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में की जा सकती है, क्योंकि इसके आदेशों को चुनौती देने के लिए देश के उच्च न्यायालयों (High Courts) के अपीलीय क्षेत्राधिकार को पूरी तरह से वर्जित किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-क' (भाग 9ए) के अंतर्गत 'नगरपालिकाओं' (Municipalities - Articles 243P-243ZG) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243W के अंतर्गत राज्य के विधानमंडल को विधि द्वारा नगरपालिकाओं को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान करने का अधिकार दिया गया है जो उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों, तथा बारहवीं अनुसूची में कुल 18 विषयों का उल्लेख किया गया है जिनके संबंध में नगरपालिकाओं को योजनाएँ तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। 2. अनुच्छेद 243Y के प्रावधानों के तहत प्रत्येक राज्य में पंचायतों के लिए गठित 'राज्य वित्त आयोग' ही नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा करता है और राज्यपाल को अपनी संस्तुतियाँ सौंपता है, क्योंकि संविधान में नगरपालिकाओं के लिए किसी पृथक् या स्वतंत्र वित्त आयोग के गठन का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। 3. अनुच्छेद 243Q के अनुसार प्रत्येक राज्य में संक्रमणकालीन क्षेत्र (urban area से rural area में परिवर्तित होने वाले क्षेत्र) के लिए नगर पंचायत, लघुतर नगरीय क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद, और वृहत्तर नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु राज्यपाल को यह शक्ति प्राप्त है कि वह औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्रों को इस प्रकार की नगरपालिका के गठन से छूट दे सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? होम रूल लीग का मुख्य उद्देश्य क्या था?
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