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भारत में लॉन्च की गई दुनिया की पहली Once-Weekly Basal Insulin का नाम क्या है?

Detailed Explanation

भारत में लॉन्च की गई दुनिया की पहली वन्स-वीकली बेसल इंसुलिन का नाम 'आवीक्ली' (Awiqli) है।
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अवध का विलय डलहौजी ने किस आधार पर किया था? चोल शासक विजयलय द्वारा तंजौर विजय का उल्लेख किस अभिलेख/लेख में हुआ है? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 368' के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया और इसकी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 368 में संविधान संशोधन के दो प्रकार के बहुमतों का प्रावधान किया गया है, तथा राष्ट्रपति के लिए यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य है कि वह संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी स्वीकृति (Assent) प्रदान करे और वह इस पर अपनी 'जेबी वीटो' (Pocket Veto) शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता है। 2. 'केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)' के ऐतिहासिक निर्णय में उच्चतम न्यायालय की 13 न्यायाधीशों की पीठ ने यह निर्धारित किया था कि संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की असीमित शक्ति प्राप्त है, जिसमें संविधान की 'मूल संरचना' (Basic Structure) को बदलना या समाप्त करना भी शामिल है। 3. 'संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976' द्वारा अनुच्छेद 368 में खंड (4) और खंड (5) जोड़े गए थे, जिन्हें उच्चतम न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980)' वाद में इस आधार पर असंवैधानिक घोषित कर दिया था कि न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का अधिकार संविधान की मूल विशेषता है और इसे संसद द्वारा समाप्त नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (केंद्र-राज्य विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) तथा विधायी शक्तियों के वितरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को पूरे या भारत के किसी भी भाग के लिए कानून बनाने की अधिकारिता प्राप्त है, और संसद द्वारा बनाया गया कोई भी कानून इस आधार पर अवैध नहीं ठहराया जाएगा कि उसका एक्स्ट्रा-टेरिटोरियल ऑपरेशन (अतिरिक्त-क्षेत्रीय प्रभाव) है। 2. यदि समवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर संसद द्वारा बनाया गया कानून और राज्य के विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून एक-दूसरे के विपरीत या असंगत होते हैं, तो अनुच्छेद 254 के तहत हमेशा संसद का कानून ही प्रभावी होगा, भले ही राज्य का कानून राष्ट्रपति की विचारार्थ सुरक्षित रखा गया हो और उसे राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त हो चुकी हो। 3. अनुच्छेद 249 के प्रावधानों के अंतर्गत, यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर कानून बनाए, तो संसद उस विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बना सकती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 143' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय से 'परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति' (Power of President to consult Supreme Court) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय से किसी भी प्रश्न (चाहे वह विधि का हो या तथ्य का, जो सार्वजनिक महत्व का हो) पर अपनी राय मांग सकता है, और सर्वोच्च न्यायालय के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह ऐसे प्रत्येक मामले में राष्ट्रपति को अपनी राय या परामर्श दे। 2. यदि राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 143 के खंड (1) के तहत संविधान पूर्व (Pre-constitution) किसी संधि, समझौते या प्रसंविदा (Covenant) से उत्पन्न विवाद के संबंध में कोई मामला सर्वोच्च न्यायालय को परामर्श के लिए भेजा जाता है, तो सर्वोच्च न्यायालय के लिए अपनी राय देना बाध्यकारी होता है। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 143 के अंतर्गत दी गई सलाह या परामर्श राष्ट्रपति के लिए किसी भी स्थिति में बाध्यकारी (Binding) नहीं होती है, और न ही यह सलाह देश के अन्य अधीनस्थ न्यायालयों या उच्च न्यायालयों के लिए दृष्टांत (Precedent) के रूप में विधिक रूप से बाध्यकारी होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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