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POWERGRID ने Renewable Energy Transmission Project के लिए JPY 80 Billion Green Loan किस संस्था से प्राप्त किया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पावरग्रिड ने यह ग्रीन लोन जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) से प्राप्त किया है।
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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'अटॉनी जनरल ऑफ इंडिया' (भारत के महान्यायवादी - अनुच्छेद 76) तथा 'महाधिवक्ता' (एडवोकेट जनरल - अनुच्छेद 165) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ऐसे व्यक्ति को की जाती है जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्ह (Qualified) हो, और वह देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, किंतु महान्यायवादी को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार होने के बावजूद मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. 'के.के. वेणुगोपाल बनाम भारत संघ' या संवैधानिक विधि से जुड़े अन्य मामलों में यह स्पष्ट किया गया है कि महान्यायवादी और राज्य के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) दोनों ही पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी (Full-time government servants) होते हैं, जिन्हें किसी भी प्रकार का निजी वकालत अभ्यास (Private legal practice) करने की सख्त संवैधानिक और विधिक मनाही होती है।
3. राज्य के महाधिवक्ता (अनुच्छेद 165) को उस राज्य की विधानसभा या विधान परिषद (जहाँ विधान परिषद है) की बैठकों में भाग लेने, बोलने और बिना मतदान के उसकी कार्यवाहियों में हिस्सा लेने का अधिकार होता है, तथा उसे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन की समिति का सदस्य भी बनाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'संसदीय विशेषाधिकार' (Parliamentary Privileges - Article 105 & 194) तथा उनकी न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत संसद के सदस्यों को सदन के भीतर और उसकी समितियों में कही गई किसी भी बात या दिए गए किसी भी मत के संबंध में देश के किसी भी न्यायालय में किसी भी कानूनी कार्यवाही से मुक्ति (Immunity) प्राप्त होती है, और यह उन्मुक्ति आपराधिक कृत्यों या भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी समान रूप से लागू होती है।
2. 'पी.वी. नरसिम्हा राव बनाम सीबीआई (1998)' मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया था कि यदि कोई सांसद सदन में किसी प्रस्ताव के समर्थन या विरोध में मतदान करने के लिए रिश्वत लेता है, तो उसे संविधान के अनुच्छेद 105(2) के अंतर्गत आपराधिक अभियोजन से पूर्ण संवैधानिक प्रतिरक्षा (Immunity) प्राप्त है।
3. 'सत्रीय कार्य समिति बनाम झारखंड मुक्ति मोर्चा (2024)' में भारत के उच्चतम न्यायालय की सात-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अपने पिछले फैसले को पलटते हुए यह स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे आपराधिक कृत्य संसदीय विशेषाधिकारों की परिधि में नहीं आते हैं, और अनुच्छेद 105 या 194 सांसदों या विधायकों को ऐसे कृत्यों के लिए अदालती कार्रवाई से बचाने का लाइसेंस नहीं देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) तथा विभिन्न ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के पर्यावरणीय प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल' (GWP) किसी विशिष्ट ग्रीनहाउस गैस की ऊष्मा-धारण क्षमता को कार्बन डाइऑक्साइड ($ ext{CO}_2$) के सापेक्ष एक निश्चित समय क्षितिज (सामान्यतः 100 वर्ष) में मापता है, जिसका अर्थ है कि $ ext{CO}_2$ का GWP मान हमेशा 1 होता है।
2. वायुमंडल में मीथेन ($ ext{CH}_4$) का GWP मान 100 वर्ष की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में काफी अधिक होता है, किंतु मीथेन का वायुमंडलीय जीवनकाल (Atmospheric Lifetime) $ ext{CO}_2$ की तुलना में बहुत कम (लगभग 12 वर्ष) होता है।
3. क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के अंतर्गत विभिन्न देशों द्वारा अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) और उत्सर्जन रिपोर्टिंग में ग्रीनहाउस गैसों के प्रभावों को मानक रूप से मापने के लिए इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) द्वारा अनुशंसित GWP मूल्यों का उपयोग किया जाता है, जिसमें नाइट्रस ऑक्साइड ($ ext{N}_2 ext{O}$) का GWP मान मीथेन से भी कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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आपातकाल के दौरान राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की शक्ति संसद को किस अनुच्छेद के तहत मिलती है?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) और 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' को भारत द्वारा जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity - CBD, 1992) के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अधिनियमित किया गया था, तथा यह अधिनियम देश के जैविक संसाधनों के संरक्षण, उनके उपयोग से होने वाले लाभों के न्यायसंगत और निष्पक्ष बँटवारे के साथ-साथ आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच को विनियमित करने का प्रावधान करता है।
2. 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (NBA) एक वैधानिक और स्वायत्त निकाय है, जिसकी स्थापना पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के तहत चेन्नई, तमिलनाडु में की गई है, और यह देश के भीतर किसी भी व्यक्ति द्वारा जैव संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग या जैव-सर्वेक्षण करने के लिए पूर्व अनुमति प्रदान करने वाला एकमात्र सर्वोच्च प्राधिकारी है।
3. अधिनियम के तहत त्रि-स्तरीय संस्थागत तंत्र का प्रावधान किया गया है—राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA), राज्य स्तर पर राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBB), और स्थानीय स्तर पर पंचायत तथा नगर निकायों के स्तर पर 'जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ' (BMC), जिनमें से प्रत्येक समिति को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जैविक संसाधनों के विवरण और पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण करने के लिए 'लोक जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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