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Child Development
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What are the main styles of cognitive learning? (मुख्य संज्ञानात्मक अधिगम की शैलियाँ क्या हैं?)
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
संज्ञानात्मक अधिगम की मुख्य शैलियों में दृश्य, श्रवण और गतिसंवेदी शामिल हैं.
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अंतर्गत ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने के सिद्धांत तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के अंतर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम के निर्माण संबंधी प्रावधानों का सूक्ष्म और समालोचनात्मक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन दोनों विधिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के मूल उद्देश्यों के मध्य सबसे सटीक तात्विक सामंजस्य को दर्शाता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों द्वारा समर्थित 'समावेशी शिक्षा' और 'बाल-केंद्रित अधिगम' के तात्विक और वैधानिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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अधिगम के पठार (Plateau in Learning) के उत्पन्न होने के निम्नलिखित कारणों में से कौन सा कारण मनोवैज्ञानिक दृष्टि से सबसे कम प्रासंगिक है, जबकि अन्य पठार के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी होते हैं?
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गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के 'शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के अंतर्गत शील गुणों के वर्गीकरण—अर्थात 'प्रधान शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'गौण शील गुण' (Secondary Traits)—की तात्विक, पदानुक्रमित और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों श्रेणियों के मध्य विभेद और उनके व्यक्तित्व निर्माण में वास्तविक प्रभावों के संदर्भ में वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'परिसर का संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring of the Perceptual Field) और 'अकस्मात् समाधान' (Aha! Experience) की अवधारणा का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या से जूझते हुए अचानक से सभी छितरी हुई परिस्थितियों और साधनों के आंतरिक संबंधों को एक समग्र दृष्टि में पिरोकर बिना किसी बाहरी यांत्रिक क्रमिक प्रयास के सीधे सही हल तक पहुँच जाता है, तो इस अधिगम प्रक्रिया के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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