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भारत सरकार ने सरकारिया आयोग का गठन कब किया?

Detailed Explanation

केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए सरकारिया आयोग का गठन 1983 में हुआ था।
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बिहार के औद्योगिक परिदृश्य, कृषि आधारित उद्योगों एवं आधारभूत संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) राज्य में औद्योगिक भूमि के आवंटन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नोडल एजेंसी है, जो मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और मेगा फूड पार्कों को प्रोत्साहन प्रदान करती है। 2. बरौनी (बेगूसराय) में स्थित बरौनी रिफाइनरी सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है, जिसकी स्थापना सोवियत संघ (रूस) और रोमानिया के तकनीकी सहयोग से की गई थी, और यह असम के डिगबोई के बाद देश का दूसरा सबसे पुराना रिफाइनरी है। 3. कैमूर और रोहतास जिलों में विंध्यन क्रम के चूना पत्थर के प्रचुर भंडार पाए जाने के कारण इस क्षेत्र में सीमेंट उद्योग का अत्यधिक विकास हुआ है, जिसमें डालमियानगर (रोहतास) ऐतिहासिक रूप से एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र रहा है। 4. बिहार सरकार की 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति' के तहत चीनी मिलों, कृषि-प्रसंस्करण और वस्त्र (Textile) क्षेत्र को छोड़कर किसी भी अन्य क्षेत्र में निजी निवेश की अनुमति पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व' (DPSP) और 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये न्यायोचित (Justiciable) हैं, जबकि राज्य के नीतिनिदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं और ये गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) प्रकृति के हैं। 2. स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़े गए मूल कर्त्तव्य मूल रूप से केवल नागरिकों के लिए हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में न्यायालय द्वारा प्रवर्तित (Enforced) नहीं कराया जा सकता है। 3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत दिए गए 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार' को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी किसी भी परिस्थिति में निलंबित या प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। 4. नीतिनिदेशक तत्वों में संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक होता है, क्योंकि ये संघीय ढांचा से संबंधित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ और उसके राज्य क्षेत्र (Article 1-4) तथा नए राज्यों के गठन या सीमाओं में परिवर्तन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' कर सकती है, जो कि उन क्षेत्रों से संबंधित है जो पहले से भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे (यानी बाहरी क्षेत्र)। 2. अनुच्छेद 3 के तहत संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाने, घटाने, नाम या सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, और इस प्रकार का कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, क्योंकि इसके लिए राज्यों की सहमति अनिवार्य होती है। 3. अनुच्छेद 3 के तहत लाए जाने वाले विधेयक को राष्ट्रपति संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजते हैं, और विधानमंडल द्वारा दी गई समयावधि के भीतर व्यक्त की गई राय या सिफारिश को मानने के लिए संसद पूरी तरह बाध्य होती है। 4. बेरूबारी यूनियन मामले (1960) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि भारतीय भू-भाग के किसी हिस्से को किसी विदेशी देश को सौंपने (Cession of territory) के लिए अनुच्छेद 3 के तहत सामान्य बहुमत से साधारण कानून पारित करना पर्याप्त है, और इसके लिए किसी संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों तथा बिहार में स्थानीय शासन व नगरीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान में 'राज्य के नीति निर्देशक तत्वों' (DPSP) का विचार आयरलैंड के संविधान से लिया गया है, जिसने स्पेनिश संविधान से इस प्रेरणा को ग्रहण किया था, और ये संविधान के भाग IV के अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं। 2. भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत संघ सूची में वर्तमान में 100 विषय, राज्य सूची में 61 विषय तथा समवर्ती सूची में 52 विषय शामिल हैं, जिसमें 'स्थानीय शासन' (Local Government) और 'शहरी स्वच्छता व नियोजन' समवर्ती सूची का एक अनिवार्य विषय है। 3. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा संविधान में बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसके तहत नगरपालिकाओं को हस्तांतरित किए जाने वाले 18 प्रशासनिक विषयों का उल्लेख किया गया है, और इसी के अनुपालन में 'बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007' को अधिनियमित किया गया। 4. जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बिहार की कुल जनसंख्या में शहरी जनसंख्या का अनुपात मात्र 11.29 प्रतिशत है, जो इसे देश के सबसे कम नगरीकृत राज्यों में से एक बनाता है, और राज्य में सर्वाधिक नगरीकृत जिला पटना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारत में खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों के भौगोलिक वितरण, उनकी भूगर्भिक अवस्थिति और उनके औद्योगिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. झारखंड का छोटा नागपुर पठार भारत का 'खनिज हृदयस्थल' कहलाता है, जहाँ धारवाड़ और आर्कियन क्रम की चट्टानों में लौह अयस्क, कोयला, अभ्रक और तांबा के विशाल भंडार संकेंद्रित हैं। 2. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोडवाना' युग का है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में पाया जाता है, तथा इस गोडवाना कोयले में राख (Ash) की मात्रा अधिक और सल्फर की मात्रा कम होती है। 3. राजस्थान का खेतरी क्षेत्र तांबे के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जबकि गुजरात का अंकलेश्वर और असम का डिगबोई क्षेत्र पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक बेसिन हैं, जो टर्शरी (Tertiary) युग की आग्नेय चट्टानों में पाए जाते हैं। 4. परमाणु ऊर्जा के लिए आवश्यक यूरेनियम के भंडार भारत में झारखंड के सिंहभूम जिले के अलावा हाल ही में राजस्थान और आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में भी खोजे गए हैं, तथा देश में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार केरल और तमिलनाडु की तटीय मोनोजाइट रेत में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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