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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व' (DPSP) और 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये न्यायोचित (Justiciable) हैं, जबकि राज्य के नीतिनिदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं और ये गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) प्रकृति के हैं।
- 2. स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़े गए मूल कर्त्तव्य मूल रूप से केवल नागरिकों के लिए हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में न्यायालय द्वारा प्रवर्तित (Enforced) नहीं कराया जा सकता है।
- 3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत दिए गए 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार' को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी किसी भी परिस्थिति में निलंबित या प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है।
- 4. नीतिनिदेशक तत्वों में संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक होता है, क्योंकि ये संघीय ढांचा से संबंधित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि मूल अधिकार अमेरिका से लिए गए हैं और न्यायोचित हैं, जबकि DPSP आयरलैंड से लिए गए हैं और गैर-न्यायोचित हैं। कथन 2 सत्य है क्योंकि स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए मूल कर्त्तव्य केवल नागरिकों पर लागू होते हैं और ये सीधे तौर पर गैर-न्यायोचित हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि 44वें संविधान संशोधन के बाद अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर अन्य मूल अधिकारों को आपातकाल के दौरान निलंबित किया जा सकता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि नीतिनिदेशक तत्वों में संशोधन के लिए अनुच्छेद 368 के तहत केवल संसद के विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है, आधे राज्यों के अनुसमर्थन की नहीं। परीक्षा संबंधी और अधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
Related Questions
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक शिक्षा नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 के 'वुड के डिस्पैच' (Wood's Despatch) को भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है, जिसके तहत लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई थी और महिला शिक्षा पर विशेष बल दिया गया था।
2. लॉर्ड कर्zan के शासनकाल में पारित 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904' का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना और सीनेट के सदस्यों की संख्या को कम करके उसमें सरकारी नामांकित सदस्यों का बहुमत स्थापित करना था।
3. वर्ष 1917-19 में गठित 'सैडलर विश्वविद्यालय आयोग' (Calcutta University Commission) ने माध्यमिक शिक्षा के सुधार के बाद इंटरमीडिएट कक्षाओं को विश्वविद्यालयों से अलग करने और स्कूली शिक्षा को 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी।
4. वर्धा योजना (Wardha Scheme of Basic Education, 1937), जिसे जाकिर हुसैन समिति द्वारा तैयार किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान करना और औद्योगिक तकनीकी प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यूरोपीय नदियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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बिहार की नदियाँ, जलवायु और कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें राज्य के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून से दक्षिणी मैदानी भागों की तुलना में अधिक वर्षा होती है।
2. उत्तर बिहार की नदियाँ (जैसे कोसी, गंडक, बागमती और कमला) हिमालय से निकलती हैं और ये नदियाँ अपने मार्ग परिवर्तन (Course Shifting) तथा भारी मात्रा में अवसाद (Silt) लाने के लिए कुख्यात हैं, जिससे हर वर्ष बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है।
3. दक्षिण बिहार की नदियाँ (जैसे सोन, पुनपुन, किउल और फल्गु) प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं और ये मानसूनी वर्षा पर आधारित होने के कारण ग्रीष्मकाल में प्रायः सूख जाती हैं, जिससे इस क्षेत्र में सिंचाई के लिए नहरों और भूजल पर निर्भरता अधिक होती है.
4. बिहार में कृषि पद्धतियों के अंतर्गत दक्षिण-पठारी और टाल क्षेत्रों में धान की खेती के लिए 'अग्रिम रोपण' (Dry Nursery) प्रणाली अपनाई जाती है, जबकि उत्तर बिहार के जलमग्न दियारा क्षेत्रों में मक्का और दलहन की खेती प्रमुख रूप से की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रबर के वल्केनाइजेशन के लिए किस तत्व का प्रयोग होता है?
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प्रकाश के परावर्तन, अपवर्तन और वर्ण-विक्षेप से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश किरण उसी माध्यम में वापस लौट जाती है, जिसे प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहा जाता है, जिसका एक व्यावहारिक उदाहरण रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का बनना है।
2. लेंस की क्षमता (Power of Lens) का एसआई मात्रक 'डायोप्टर' (Diopter) होता है, जो लेंस की फोकस दूरी (मीटर में व्यक्त) का व्युत्क्रम होता है, तथा उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक होती है जबकि अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
3. जब श्वेत प्रकाश की किरण किसी प्रिज्म से गुजरती है, तो विभिन्न रंगों के प्रकाश का विचलन (Deviation) अलग-अलग होता है, जिसमें लाल रंग का विचलन सबसे अधिक और बैंगनी रंग का विचलन सबसे कम होता है, क्योंकि लाल रंग का अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है।
4. इंद्रधनुष (Rainbow) का निर्माण जल की सूक्ष्म बूंदों द्वारा प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन, अपवर्तन और वर्ण-विक्षेप (Dispersion) की संयुक्त परिघटना का परिणाम है, जिसमें प्राथमिक इंद्रधनुष के भीतर बैंगनी रंग और बाहर की ओर लाल रंग दिखाई देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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