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Indian Polity
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पौधों की लंबाई में वृद्धि निम्न में से किसके द्वारा होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पौधों की प्राथमिक वृद्धि (लंबाई में) शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) द्वारा होती है।
Related Questions
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) तथा चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और ऐसे अन्य निर्वाचन आयुक्तों, यदि कोई हों, की नियुक्ति का प्रावधान है, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा संसद द्वारा बनाई गई विधियों के अधीन नियुक्त किया जाता है।
2. वर्ष 1993 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात् निर्वाचन आयोग को एक बहु-सदस्यीय निकाय बना दिया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल हैं, और निर्णय लेते समय यदि मतों में भिन्नता हो, तो बहुमत का नियम लागू होता है जिसमें तीनों सदस्यों की शक्तियाँ और वेतन-भत्ते समान होते हैं।
3. 'दिनेश गोस्वामी समिति' (1990) का संबंध चुनाव सुधारों से था, जिसने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के संबंध में कॉलेजियम प्रणाली की सिफारिश की थी तथा सरकारी धन या वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की बात कही थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243G के अंतर्गत राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वे पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों पर विधियों का निर्माण एवं उनका क्रियान्वयन करने की शक्ति और उत्तरदायित्व सौंप सकें।
2. 73वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 243H के तहत पंचायतों को कर, शुल्क, टोल और फीस लगाने, वसूलने तथा विनियोजित करने का अधिकार स्वैच्छिक (Discretionary) प्रावधान के रूप में प्रदान किया गया है, जिसका अर्थ है कि राज्य का विधानमंडल कानून बनाकर इन्हें यह वित्तीय अधिकार देने या न देने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
3. अनुच्छेद 243-I के अनुसार प्रत्येक राज्य का राज्यपाल हर पाँच वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) का गठन करेगा, जिसकी रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई की संस्तुति को राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के विधानमंडल के समक्ष रखना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य legislatures, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान की गई है, तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया वही है जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए अपनाई जाती है।
2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33(7) के अनुसार कोई भी उम्मीदवार अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ सकता है, और यदि वह दोनों सीटों से विजयी होता है, तो उसे छह महीने के भीतर एक निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी सीटों से त्यागपत्र देना अनिवार्य होता है।
3. निर्वाचन आयोग के चुनावों में 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' (EVM) के साथ 'वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल' (VVPAT) प्रणाली को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने के लिए 'लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) अधिनियम, 2013' पारित किया गया था, जिसके माध्यम से मतदाताओं को यह सत्यापित करने का अधिकार मिला कि उनका वोट सही उम्मीदवार को गया है या नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) और उसकी विधिक प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में प्रस्तुत और 22 जनवरी 1947 को स्वीकृत 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) का ही परिष्कृत रूप भारतीय संविधान की प्रस्तावना है।
2. 'बेरूबारी यूनियन वाद (1960)' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और इसमें अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन किया जा सकता है।
3. प्रस्तावना में उल्लिखित 'सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक' न्याय के आदर्श को रूस की क्रांति (1917) से प्रेरित होकर शामिल किया गया था, जबकि 'स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व' के आदर्श फ्रांस की क्रांति (1789) से लिए गए हैं।
4. संविधान की प्रस्तावना न तो विधायिका की शक्तियों पर कोई प्रतिबंध लगाती है और न ही यह न्यायालय द्वारा न्यायोचित (Justiciable) है, अर्थात इसके प्रावधानों को किसी भी न्यायालय में स्वतः प्रवर्तित नहीं कराया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSCs) की स्वतंत्रता, उनके सदस्यों की पदावधि, निष्कासन प्रक्रिया तथा उनके क्षेत्राधिकार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को केवल 'कदाचार' (Misbehavior) के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा उसके पद से हटाया जा सकता है, और कदाचार के इस आरोप की जाँच उच्चतम न्यायालय द्वारा की जाती है, जिसकी सलाह राष्ट्रपति के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होती है।
2. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य का कार्यकाल अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 6 वर्ष की अवधि या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक (जो भी पहले हो) होता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष की अवधि या 62 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक होता है।
3. अनुच्छेद 320 के अंतर्गत लोक सेवा आयोगों से परामर्श करना सभी मामलों में अनिवार्य है, और यदि सरकार आयोग की सलाह के विरुद्ध कोई निर्णय लेती है, तो उस निर्णय को संसद या राज्य विधानमंडल के समक्ष स्पष्टीकरण के साथ रखना संवैधानिक रूप से अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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