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Indian Polity
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) तथा चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और ऐसे अन्य निर्वाचन आयुक्तों, यदि कोई हों, की नियुक्ति का प्रावधान है, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा संसद द्वारा बनाई गई विधियों के अधीन नियुक्त किया जाता है।
- 2. वर्ष 1993 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात् निर्वाचन आयोग को एक बहु-सदस्यीय निकाय बना दिया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल हैं, और निर्णय लेते समय यदि मतों में भिन्नता हो, तो बहुमत का नियम लागू होता है जिसमें तीनों सदस्यों की शक्तियाँ और वेतन-भत्ते समान होते हैं।
- 3. 'दिनेश गोस्वामी समिति' (1990) का संबंध चुनाव सुधारों से था, जिसने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के संबंध में कॉलेजियम प्रणाली की सिफारिश की थी तथा सरकारी धन या वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की बात कही थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 324(2) के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संसद की किसी विधि के अधीन नहीं, बल्कि राष्ट्रपति द्वारा (मंत्रिमंडल की सलाह पर) की जाती है। हालाँकि, संसद को इस संबंध में कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, लेकिन लंबे समय तक इसके लिए कोई विशिष्ट संसद कानून नहीं था (हाल ही में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 पारित किया गया है)। कथन 2 सही है; वर्ष 1993 के बाद से निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय बन गया है जिसमें तीनों सदस्यों की शक्तियाँ, वेतन और भत्ते सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान होते हैं और निर्णय बहुमत के आधार पर होते हैं। कथन 3 सही है; दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने चुनाव सुधारों पर महत्वपूर्ण रिपोर्ट दी थी जिसमें निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसी व्यवस्था और राज्य के संसाधनों के दुरुपयोग रोकने के उपाय सुझائے गए थे। विषय की विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल का अध्ययन करें।
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राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु क्या है?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की समितियों तथा उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा ने संविधान के निर्माण से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए कई समितियों का गठन किया था, जिनमें से संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
2. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में गठित 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) में अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य थे, और इस समिति ने संविधान का प्रारूप तैयार करते समय केवल ब्रिटिश संविधान के प्रावधानों का ही अंधानुकरण किया था, तथा अमेरिका या अन्य देशों की संवैधानिक प्रणालियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था।
3. संविधान सभा द्वारा कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जिसके दौरान संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिनों तक विचार-विमर्श हुआ और अंततः 26 जनवरी 1950 को संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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लोकसभा में 'अनुसूचित जातियों' (SC) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या किस अनुच्छेद के तहत तय की गई है?
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भारत में 'निर्वाचन आयोग' (Election Commission) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
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भारत के निर्वाचन आयोग, चुनाव सुधारों और राजनीतिक दलों से संबंधित संवैधानिक तथा विधिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के उपबंधों के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिन रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, किंतु अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की लिखित सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उसके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
2. 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023' के प्रावधानों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों का चयन प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री से मिलकर बनी चयन समिति की संस्तुति पर राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'एस.एस. कोहली बनाम भारत संघ' या उससे जुड़े ऐतिहासिक चुनावी सुधारों के संदर्भ में यह व्यवस्था दी गई है कि चुनाव आयोग के पास राजनीतिक दलों के आंतरिक लोकतंत्र को विनियमित करने और उनके आंतरिक संगठनात्मक चुनावों को अनिवार्य रूप से कराने के लिए अनुच्छेद 324 के तहत निहित (Inherent) शक्तियां प्राप्त हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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