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जंग से बचाने के लिए लोहे के पाइपों पर जस्ते की परत चढ़ाने को क्या कहते हैं?

Detailed Explanation

लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को यशदीकरण (Galvanization) कहते हैं।
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आधुनिक भारत के इतिहास में 'संन्यासी विद्रोह' (Sannyasi Rebellion) और अन्य समकालीन आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संन्यासी विद्रोह मुख्य रूप से बंगाल के पूर्णिया, तिरहुत और रंगपुर क्षेत्रों में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी राजस्व नीतियों, तीर्थयात्रा कर लगाने तथा 1770 के भयंकर अकाल के दौरान राहत कार्यों की उपेक्षा के विरुद्ध भड़का था। 2. इस विद्रोह में हिंदू संन्यासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विस्थापित किसानों, कारीगरों और 'फकीर' कहे जाने वाले मुस्लिम धार्मिक सुधारकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिनका नेतृत्व मजनू शाह और देवी चौधुरानी जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्वों ने किया था। 3. ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने इस विद्रोह का पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से दमन किया और किसी भी सैन्य बल का प्रयोग किए बिना केवल सामाजिक सुधारों के माध्यम से संन्यासियों को मुख्यधारा में शामिल कर लिया था। 4. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास 'आनंदमठ' इसी संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें देशभक्ति का अमर गीत 'वंदे मातरम्' पहली बार सामने आया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किया गया कार्य किसके बराबर है? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की संरचना, शक्तियों औरJurisdiction के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का दायरा उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक विस्तृत है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके किए जाते हैं, और न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय तथा राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से की जाती है। 3. संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक बढ़ा सकती है अथवा घटा सकती है, और वर्तमान में देश के सभी संघ राज्य क्षेत्रों का अपना एक स्वतंत्र और पृथक् उच्च न्यायालय है। 4. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 239AA के अंतर्गत एक विशेष उपबंध किया गया है, जिसके तहत संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा को लोक व्यवस्था (Public Order), पुलिस और भूमि (Land) को छोड़कर राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के उन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है जो राज्य विधानसभाओं के क्षेत्राधिकार में आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? मानव शरीर में विभिन्न पोषक पदार्थों (Nutrients) की भूमिका, उनके स्रोतों तथा उनकी कमी से होने वाले रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कार्बोहाइड्रेट और वसा शरीर को मुख्य रूप से ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्व हैं, जहाँ 1 ग्राम वसा के ऑक्सीकरण से लगभग 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है, जो कि समान मात्रा में कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली ऊर्जा की तुलना में लगभग दोगुनी से भी अधिक होती है। 2. विटामिन D, जिसे 'कैल्सीफेरोल' भी कहा जाता है, एक वसा-विलेय (Fat-soluble) विटामिन है जिसका संश्लेषण सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में त्वचा द्वारा कोलेस्ट्रॉल से किया जा सकता है, और इसकी कमी से वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेसिया' तथा बच्चों में 'रिकेट्स' नामक रोग हो जाता है। 3. प्रोटीन जटिल नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक यौगिक होते हैं जो अमीनो अम्लों की इकाइयों से पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़े होते हैं; इनकी गंभीर कमी के कारण बच्चों में 'क्वाशियोकोर' (जिसमें हाथ-पैर पतले और पेट फूल जाता है) और 'मरास्मस' रोग उत्पन्न होते हैं। 4. खनिज लवणों के अंतर्गत 'आयोडीन' की कमी से थायराइड ग्रंथि में सूजन आ जाती है जिसे घेंघा (Goiter) कहा जाता है, तथा गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की भारी कमी से उत्पन्न होने वाले विकार को 'क्रिटिनिज़्म' कहते हैं, जिसमें बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार के अपवाह तंत्र, प्रमुख जलप्रपातों और झीलों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कैमूर पठार क्षेत्र में स्थित 'करकट गढ़ जलप्रपात' (Karkat Garh Waterfall) और 'दुर्गावती जलप्रपात' क्रमशः कर्मनाशा और दुर्गावती नदियों पर अवस्थित हैं, जो विंध्यन क्रम की चट्टानों के अपरदन से निर्मित हैं। 2. उत्तरी बिहार के मैदानी भागों में पाई जाने वाली अधिकांश 'छाड़न झीलें' (Oxbow Lakes), जैसे बेगूसराय की कावर झील (Kabartal Wetland), वस्तुतः गंगा और उसकी सहायक नदियों के विसर्पण (Meandering) मार्गों के परिवर्तन के परिणामस्वरूप निर्मित हुई हैं। 3. दक्षिण बिहार के पठारी भाग से प्रवाहित होने वाली पुनपुन और किऊल नदियाँ गंगा की दक्षिणवर्ती सहायक नदियाँ हैं, जिनमें 'किऊल नदी' का उद्गम झारखंड के हजारीबाग के पठार से होता है और यह लखीसराय के पास गंगा में मिलती है। 4. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन के लिए कुख्यात है और यह नदी पूर्णिया तथा कटिहार जिलों की सीमा पर महानंदा नदी में मिलने से ठीक पहले एक विशाल गोखुर झील का निर्माण करती है जिसका जल सदाबहार रूप से बारह मास स्थिर रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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