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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की संरचना, शक्तियों औरJurisdiction के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का दायरा उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक विस्तृत है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
- 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके किए जाते हैं, और न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय तथा राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से की जाती है।
- 3. संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक बढ़ा सकती है अथवा घटा सकती है, और वर्तमान में देश के सभी संघ राज्य क्षेत्रों का अपना एक स्वतंत्र और पृथक् उच्च न्यायालय है।
- 4. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 239AA के अंतर्गत एक विशेष उपबंध किया गया है, जिसके तहत संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा को लोक व्यवस्था (Public Order), पुलिस और भूमि (Land) को छोड़कर राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के उन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है जो राज्य विधानसभाओं के क्षेत्राधिकार में आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (मूल अधिकारों के अलावा सामान्य विधिक अधिकारों के लिए भी) अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय की तुलना में व्यापक है। कथन 2 सत्य है; अनुच्छेद 233 के तहत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि वर्तमान में देश के सभी 8 संघ राज्य क्षेत्रों (UTs) का अपना अलग उच्च न्यायालय नहीं है; उदाहरण के लिए, लक्षद्वीप केरल उच्च न्यायालय के अंतर्गत आता है और अंडमान-निकोबार कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधीन है। केवल दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे कुछ यूटी के पास अपने उच्च न्यायालय हैं। कथन 4 सत्य है क्योंकि 69वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 239AA के तहत दिल्ली के लिए विधानसभा और मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया है, जिसमें पुलिस, लोक व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य विषयों पर कानून बनाने की शक्ति है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों, समझौतों तथा संगठनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2024 में आयोजित 19वें जी20 (G20) शिखर सम्मेलन की मेजबानी रियो डी जेनेरियो, ब्राजील द्वारा की गई थी, जिसकी मुख्य थीम 'एक न्यायसंगत दुनिया और एक टिकाऊ ग्रह का निर्माण' (Building a Sustainable Planet and a Just World) थी, और इसी सम्मेलन के दौरान वैश्विक भूख और गरीबी के खिलाफ 'ग्लोबल अलायंस' की शुरुआत की गई।
2. 'संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन' (UNFCCC) के अंतर्गत आयोजित COP29 (2024) सम्मेलन का आयोजन बाकू, अजरबैजान में किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तपोषण (Climate Finance) के नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQG) के तहत प्रतिवर्ष 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने पर सहमति बनी।
3. ब्रिक्स (BRICS) संगठन के विस्तार के बाद, 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वर्ष 2024 में कज़ान, रूस में आयोजित किया गया था, जिसमें मिस्र, ईरान, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने पूर्ण सदस्य के रूप में पहली बार शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
4. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम, भारत में स्थित है, और इसके चौथे संशोधन फ्रेमवर्क समझौते के तहत अब संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश (UN Member States) इस गठबंधन के सदस्य बनने के पात्र हो गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर की सबसे मजबूत मांसपेशी?
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के ऊर्जा प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदशकीय (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार, एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ताप और उपापचय क्रियाओं के दौरान ह्रासित हो जाती है।
2. 'पारिस्थितिक पिरामिड' (Ecological Pyramid) में संख्या का पिरामिड और ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा (Upright) बनता है, किंतु एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में पक्षियों के लिए 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) हो सकता है, और महासागरीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'बायोमास का पिरामिड' भी सदैव उल्टा होता है।
3. वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस की प्रचुरता के बावजूद पौधे इसे सीधे वायुमंडल से ग्रहण नहीं कर पाते हैं, अतः राइजोबियम और एजोटोबैक्टर जैसे सूक्ष्मजीव इसे नाइट्रेट्स या अमोनिया में बदलकर 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) का कार्य करते हैं, जो जैव-रासायनिक चक्र का एक प्रमुख हिस्सा है।
4. पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession) की प्रक्रिया में किसी नग्न चट्टान पर उगने वाले सबसे पहले पौधे 'लाइकेन' (Lichens) होते हैं, जिन्हें 'पायनियर कम्युनिटी' (Pioneer Community) कहा जाता है, जो चट्टानों को विघटित करके मृदा निर्माण की प्रक्रिया को शुरू करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विभिन्न अधिवेशनों, उनके परिसमापनों तथा वैचारिक एवं संगठनात्मक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, जिसमें पहली बार ब्रिटिश वस्तुओं और प्रशासन के बहिष्कार का प्रस्ताव नरमपंथियों के कड़े विरोध के बावजूद औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था।
2. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस के मंच से पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) शब्द का आधिकारिक रूप से प्रयोग किया गया था तथा स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा से संबंधित चार प्रस्ताव पारित किए गए थे।
3. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजुमदार ने की थी, जिसमें न केवल नरमदल और गरमदल के बीच ऐतिहासिक पुनर्मिलन हुआ, बल्कि कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ पैक्ट' पर भी सहमति बनी, जिसे बाद में जिन्ना और तिलक के प्रयासों से मूर्त रूप दिया गया था।
4. वर्ष 1929 के लाहौर अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 'पूर्ण स्वराज' (Complete Independence) का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था, और इसी अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में प्रथम 'स्वाधीनता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अपकेंद्र बल कैसा बल है?
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