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BPSC TRE 4.0
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चौरी-चौरा की घटना कब घटित हुई?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चौरी-चौरा कांड 5 फरवरी 1922 को हुआ था, जिसके बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया।
Related Questions
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में ई-शासन को बढ़ावा देने, नागरिकों को पारदर्शी और सुगम सेवाएं प्रदान करने तथा डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न डिजिटल पहलों और पोर्टलों की शुरुआत की गई है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली शिक्षा की निगरानी, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के लिए 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का विकास किया गया है।
2. भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए शुरू किए गए 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी जमीन का लगान भुगतान (Revenue Payment), जमाबंदी पंजी की जाँच और भू-मानचित्र ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
3. राज्य में कृषि सेवाओं को डिजिटल रूप देने के लिए विकसित 'बिहार कृषि डैशबोर्ड' के अंतर्गत किसानों को बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी की सीधी निगरानी और डीबीटी (DBT) के माध्यम से पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जाता है।
4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के अंतर्गत जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के ऑनलाइन आवेदन एवं निर्गम के लिए 'बिहार सर्विस प्लस' (Service Plus Bihar) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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19वीं शताब्दी के दौरान भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, जातिगत कठोरताओं और सती प्रथा का कड़ा विरोध किया, तथा पाश्चात्य शिक्षा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
2. वर्ष 1867 में मुंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित 'प्रार्थना समाज' का मुख्य उद्देश्य जाति व्यवस्था का उन्मूलन, विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देना और महिला शिक्षा का प्रसार था, जिसमें महादेव गोविंद रानाडे और आर. जी. भंडारकर जैसे विद्वानों का सक्रिय योगदान रहा।
3. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय एवं अचूक माना, तथा इन्होंने शुद्धि आंदोलन के माध्यम से उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाने का प्रयास किया जिन्होंने किसी अन्य धर्म को अपना लिया था।
4. यंग बंगाल आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हेनरी विवियन डेरोज़ियो ने सामाजिक सुधारों के साथ-साथ रूढ़िवादी हिंदू परंपराओं की खुलकर आलोचना की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कलकत्ता के हिंदू कॉलेज के प्राध्यापक पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से किस प्राचीन ग्रंथ में मौर्य प्रशासन, गुप्तकालीन न्याय व्यवस्था और प्राचीन भारतीय व्यापारिक निगमों के अतिरिक्त इतिहास की विविध परंपराओं का विस्तृत विवरण मिलता है, और इस संदर्भ में कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
1. कौटिल्य का 'अर्थशास्त्र' - मौर्य कालीन प्रशासनिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था का दर्पण
2. कलहण की 'राजतरंगिणी' - कश्मीर के राजवंशों का इतिहास (ऐतिहासिक वृत्तांत की दृष्टि से प्रथम ग्रंथ)
3. मेगस्थनीज की 'इंडिका' - मौर्य समाज के सात वर्गों और भारतीय समाज में दासों की अनुपस्थिति का वर्णन
4. बाणभट्ट की 'हर्षचरित' - गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद गुप्तोत्तर काल की राजनीतिक स्थितियों का वर्णन करते हुए पूर्णतः मौर्य वंश के इतिहास पर केंद्रित महाकाव्य
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बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता, वर्षा के स्थानिक वितरण और मानसोत्पत्ति की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रवेश सामान्यतः जून के दूसरे सप्ताह में पूर्णिया और भागलपुर के रास्ते होता है, और राज्य में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 85% भाग इसी मानसूनी अवधि (जून से सितंबर) के दौरान प्राप्त होता है।
2. बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी शाखा जब बिहार के मैदानी भागों से गुजरती है, तो पूर्वी हिमालयी बाधा और स्थानीय उच्चावच के प्रभाव के कारण राज्य के पूर्वी भागों (किशनगंज, पूर्णिया) से पश्चिमी भागों (रोहतास, कैमूर) की ओर बढ़ने पर वर्षा की मात्रा में सामान्यतः कमी दर्ज की जाती है।
3. 'अल-निनो' (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी तट पर तापमान में वृद्धि होने से भारतीय उपमहाद्वीप पर वायुदाब की स्थिति मजबूत होती है, जिसके फलस्वरूप बिहार में मानसूनी वर्षा में अप्रत्याशित वृद्धि और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।
4. बिहार के उत्तर-पश्चिमी तराई क्षेत्रों (पश्चिम चंपारण) में पर्वतीय प्रभाव और स्थानीय तापीय संवहन के कारण दक्षिण-बिहार के मैदानी जिलों की तुलना में औसत वार्षिक वर्षा अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा डिजिटल पहलों और ई-शासन (E-Governance) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स की शुरुआत की गई है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) पोर्टल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक ऑनलाइन लगान भुगतान, भूमि के दाखिल-खारिज (Mutation) के आवेदन और अपनी जमीन के रिकॉर्ड (रजिस्टर-II) की डिजिटल प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
2. शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का संचालन किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति तथा शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाती है।
3. 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) मोबाइल ऐप और पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों और नागरिकों को आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत सटीक और वास्तविक समय (Real-time) पर मौसम पूर्वानुमान, वज्रपात (Thunderstorm) और बाढ़ की चेतावनी देना है।
4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के अंतर्गत विभिन्न प्रमाण पत्रों जैसे आय, जाति, निवास और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन के लिए विकसित किए गए 'सर्विस प्लस' (Service Plus) पोर्टल का पूर्ण नियंत्रण पूरी तरह से केवल केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के पास है, और इसमें राज्य सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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