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अंग्रेजों ने दिल्ली को विद्रोहियों से किस महीने और वर्ष में पुनः प्राप्त किया?

Detailed Explanation

जॉन निकलसन के नेतृत्व में सितंबर 1857 में दिल्ली पुनः अंग्रेजों के कब्जे में आ गई थी।
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1930 में प्रारंभ हुए प्रथम सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान दांडी मार्च के पश्चात महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़ा, जिसके कारण पूरे देश में कर-बहिष्कार और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का व्यापक प्रसार हुआ, किंतु इस आंदोलन में महिलाओं, व्यापारियों और औद्योगिक श्रमिकों की भागीदारी नगण्य रही। 2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने उन सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करना स्वीकार कर लिया जिन पर हिंसा के गंभीर आरोप (हत्या या घातक चोट) सिद्ध हो चुके थे, और साथ ही समुद्र तटीय क्षेत्रों में लोगों को अपने घरेलू उपभोग के लिए नमक बनाने का अधिकार भी दे दिया गया। 3. लंदन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (सितंबर-दिसंबर 1931) में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया, किंतु यह सम्मेलन अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व और 'साम्प्रदायिक अधिनियर्ण' (Communal Award) के विवाद के कारण बिना किसी ठोस निर्णय के असफल समाप्त हुआ। 4. डॉ. भीमराव अंबेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों (प्रथम, द्वितीय और तृतीय) में भाग लिया था, और उन्होंने दलितों (अछूतों) के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग पुरजोर तरीके से उठाई थी, जिसे महात्मा गांधी ने दलित वर्गों के सामाजिक विखंडन का कारण मानकर इसका कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? नील विद्रोह से संबंधित मांग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं? चीन के तियांगगोंग स्पेस स्टेशन पर किस नई बैक्टीरिया प्रजाति की पहचान की गई? अंग्रेजों ने अवध का विलय किस आधार पर किया था? भारतीय संविधान के आपात उपबंधों और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, बशर्ते आपातकाल युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर घोषित किया गया हो, न कि सशस्त्र विद्रोह के आधार पर। 2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तिथि से दो महीने के भीतर साधारण बहुमत से अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है। 3. संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) को संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित किया जा सकता है, और इसके लिए दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाए जाने का संवैधानिक प्रावधान है ताकि गतिरोध को समाप्त किया जा सके। 4. संविधान के भाग XX का अनुच्छेद 368 संसद को संविधान के किसी भी उपबंध में संशोधन करने की शक्ति देता है, परंतु सर्वोच्च न्यायालय के 'केशवानंद भारती वाद' (1973) के निर्णय के अनुसार संसद संविधान के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) में संशोधन नहीं कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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