त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
13 views
किसी ऐसे व्यक्ति, जिसके पास नौकरी नहीं है और स्पष्ट रूप से बेरोजगार के विपरीत अल्परोज़ारी, जो छिपा हुआ हो, को कहा जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इसे ही प्रच्छन्न या अदृश्य बेरोजगारी कहा जाता है।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्तियों, उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 123) मंत्रिपरिषद की सलाह के अधीन होती है, और यह शक्ति संसद के दोनों सदनों की बैठक न होने की स्थिति में ही प्रयोग की जा सकती है, किंतु इस अध्यादेश की अधिकतम अवधि संसद के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह तक ही सीमित होती है।
2. उपराष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों (निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य) के सदस्य भाग लेते हैं, जबकि राज्यों की विधानसभाओं या विधानपरिषदों के सदस्यों को इस निर्वाचक मंडल में कोई स्थान प्राप्त नहीं होता है।
3. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि यदि लोकसभा में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो प्रधानमंत्री सहित संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
4. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री सहित) लोकसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है, और यह प्रावधान मूल संविधान में ही निहित था जिसे बाद में संशोधित करने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, और राष्ट्रपति इस सलाह के अनुसार अपने कृत्यों का प्रयोग करेगा, बशर्ते राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से ऐसी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है किंतु पुनर्विचार के पश्चात दी गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति बाध्य नहीं होता है।
2. उपराष्ट्रपति, जो राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, जब संविधान के अनुच्छेद 65 के अधीन राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या उसके कृत्यों का निर्वहन करता है, तब वह राज्य सभा के सभापति के रूप में किसी भी कर्तव्य का पालन नहीं करता है और उसे राज्य सभा के सभापति के रूप में मिलने वाले वेतन या भत्ते प्राप्त नहीं होते हैं।
3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व राष्ट्रपति के प्रति होता है (अनुच्छेद 75 के अनुसार वे राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं), जबकि सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा के प्रति होता है।
4. यदि उपराष्ट्रपति का चुनाव उच्चतम न्यायालय द्वारा शून्य घोषित कर दिया जाता है, तो उपराष्ट्रपति के रूप में उस असीमित या विवादित अवधि के दौरान उसके द्वारा किए गए आधिकारिक कार्य अवैध (Invalid) हो जाते हैं और उन्हें न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
कार्बनिक रसायन और यौगिकों के नामकरण तथा उनकी संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन-कार्बन परमाणु आपस में केवल एकल बंध (Single Bond) द्वारा जुड़े होते हैं, जिनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n+2}$ होता है, और ये प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Substitution Reactions) प्रदर्शित करते हैं।
2. बेंजीन ($C_6H_6$) एक चक्रीय असंतृप्त कार्बनिक यौगिक है जिसमें तीन एकांतर (Alternate) द्विबंध पाए जाते हैं, और यह ऐरोमैटिक यौगिकों का मूल प्रतिनिधि है जो आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करता है जबकि प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति उदासीन रहता है।
3. कार्यात्मक समूह (Functional Group) किसी कार्बनिक यौगिक के अणु में उपस्थित वह विशिष्ट परमाणु या परमाणुओं का समूह होता है जो उस यौगिक के रासायनिक गुणों का निर्धारण करता है, जैसे कि ऐल्कोहॉल के लिए '-OH' और कार्बोक्सिलिक अम्ल के लिए '-COOH'।
4. समावयवता (Isomerism) उन यौगिकों में पाई जाती है जिनके आणविक सूत्र समान होते हैं लेकिन उनकी संरचनात्मक व्यवस्था या त्रिचीय विन्यास भिन्न होते हैं, जैसे ब्यूटेन ($C_4H_{10}$) के दो संरचनात्मक समावयवी—सामान्य-ब्यूटेन और आइसो-ब्यूटेन होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढांचा, राजस्व प्रणाली और सल्तनतकालीन अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'इक्ता' (Iqta) एक प्रकार का राजस्व आवंटन था, और इक्तादार (मुक्ति या वली) को अपने क्षेत्र से भू-राजस्व एकत्रित करने तथा उससे अपनी सेना का खर्च चलाने का अधिकार था, किंतु प्रारंभिक काल में यह पद आनुवंशिक नहीं था।
2. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत में भूमि की पैमाइश (विश्वा) के आधार पर भू-राजस्व निर्धारित किया और किसानों से उपज का सीधे 50 प्रतिशत हिस्सा 'खराज' के रूप में नकद लेने की व्यवस्था की, तथा बिचौलियों (जैसे खुत्तो, मुकद्दम और चौधरी) के विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया।
3. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि का निर्णय एक अत्यधिक सफल वित्तीय प्रयोग साबित हुआ, क्योंकि यह निर्णय उस समय लिया गया जब उस क्षेत्र में तीव्र अकाल और सूखा पड़ा हुआ था, जिससे राज्य की आय में भारी वृद्धि हुई।
4. फिरोजशाह तुगलक ने किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई के लिए कई नहरों का निर्माण कराया और शरीयत के विरुद्ध वसूले जाने वाले लगभग 24 प्रकार के कष्टप्रद करों को समाप्त कर केवल चार करों—खराज, जकात, जजिया और खुम्स—को ही वैध रखा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और विभिन्न शिक्षा आयोगों की संस्तुतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चार्ल्स वुड का डिस्पैच (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने पहली बार कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश करने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक एक क्रमित संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा प्रस्तुत की थी।
2. हंटर शिक्षा आयोग (Hunter Commission, 1882-83), जिसकी अध्यक्षता विलियम हंटर ने की थी, ने मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और सुधार पर विशेष बल दिया तथा इसके प्रबंधन का दायित्व नव-गठित जिला बोर्डों और नगरपालिकाओं को सौंपने की संस्तुति की।
3. सेडलर विश्वविद्यालय आयोग (Sadler University Commission, 1917-19), जिसे 'कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग' भी कहा जाता है, ने माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 'इंटरमीडिएट' (Intermediate) कक्षाओं की अवधारणा को प्रस्तुत किया और विश्वविद्यालयों के कार्यभार को कम करने के लिए माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्डों के गठन की बात कही।
4. वर्धा योजना (Wardha Scheme of Basic Education, 1937), जिसे जाकिर हुसैन समिति द्वारा व्यावहारिक रूप से तैयार किया गया था, ने मातृभाषा के माध्यम से 7 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य हस्तकौशल (Craft-centered) शिक्षा देने पर बल दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.