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BPSC TRE 4.0
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कार्बनिक रसायन और यौगिकों के नामकरण तथा उनकी संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन-कार्बन परमाणु आपस में केवल एकल बंध (Single Bond) द्वारा जुड़े होते हैं, जिनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n+2}$ होता है, और ये प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Substitution Reactions) प्रदर्शित करते हैं।
  2. 2. बेंजीन ($C_6H_6$) एक चक्रीय असंतृप्त कार्बनिक यौगिक है जिसमें तीन एकांतर (Alternate) द्विबंध पाए जाते हैं, और यह ऐरोमैटिक यौगिकों का मूल प्रतिनिधि है जो आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करता है जबकि प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति उदासीन रहता है।
  3. 3. कार्यात्मक समूह (Functional Group) किसी कार्बनिक यौगिक के अणु में उपस्थित वह विशिष्ट परमाणु या परमाणुओं का समूह होता है जो उस यौगिक के रासायनिक गुणों का निर्धारण करता है, जैसे कि ऐल्कोहॉल के लिए '-OH' और कार्बोक्सिलिक अम्ल के लिए '-COOH'।
  4. 4. समावयवता (Isomerism) उन यौगिकों में पाई जाती है जिनके आणविक सूत्र समान होते हैं लेकिन उनकी संरचनात्मक व्यवस्था या त्रिचीय विन्यास भिन्न होते हैं, जैसे ब्यूटेन ($C_4H_{10}$) के दो संरचनात्मक समावयवी—सामान्य-ब्यूटेन और आइसो-ब्यूटेन होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n+2}$ होता है और ये मुख्य रूप से प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि बेंजीन संरचनात्मक रूप से भले ही असंतृप्त प्रतीत होता है, किंतु इसके उच्च अनुनाद (Resonance) स्थायित्व के कारण यह योगात्मक अभिक्रियाओं की तुलना में अत्यधिक आसानी से 'इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ' प्रदर्शित करता है। कथन 3 सत्य है, कार्यात्मक समूह जैसे '-OH' (ऐल्कोहॉल) और '-COOH' (कार्बोक्सिलिक अम्ल) यौगिकों के रासायनिक गुणों के निर्धारण के लिए उत्तरदायी होते हैं। कथन 4 सत्य है, ब्यूटेन के दो संरचनात्मक समावयवी (n-butane और isobutane) होते हैं जिनका आणविक सूत्र समान ($C_4H_{10}$) परंतु संरचनाएँ भिन्न होती हैं। ऐसी महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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