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History of India
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सल्तनत काल में "नहरों का निर्माण" करवाने वाला प्रथम सुल्तान कौन था?

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गयासुद्दीन तुगलक ने नहरों की शुरुआत की थी।
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गदर पार्टी और इसके संस्थापकों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर के एस्टोरिया में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना और केसर सिंह थठगढ़ के प्रयासों से की गई थी, जिसका केंद्रीय मुख्यालय 'युगांतर आश्रम' था। 2. इस पार्टी द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र 'ग़दर' मुख्य रूप से गुरुमुखी लिपि में ही प्रकाशित होता था ताकि पंजाब के अप्रवासी सैनिकों और किसानों तक उसकी पहुँच आसानी से हो सके, तथा इसके प्रत्येक अंक के पहले पृष्ठ पर 'अंग्रेज़ी राज का कच्चा चिट्ठा' शीर्षक से लेख छापे जाते थे। 3. प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ होने पर गदर पार्टी के अधिकांश नेताओं ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह (गदर) करने के लिए भारत लौटने का निर्णय लिया और 'कामागाटामारू' जैसी घटनाओं के बाद राष्ट्रव्यापी असंतोष का लाभ उठाकर तख्ता पलट की योजना बनाई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? किस मुगल शासक ने अपनी राजधानी में "शाहजहाँनाबाद" के अंतर्गत चांदनी चौक का निर्माण करवाया था? मराठा साम्राज्य के प्रशासन और शिवाजी की सैन्य व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी के अष्टप्रधान मंत्रिमंडल में 'पंडितराव' का मुख्य कार्य धार्मिक मामलों, दान-पुण्य और समाज में धार्मिक शुद्धता या आचार-विचार की देखरेख करना था, जबकि 'न्यायधीश' सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी था जो सैन्य और दीवानी मामलों में अंतिम निर्णय लेता था। 2. शिवाजी की घुड़सवार सेना दो प्रमुख भागों में विभाजित थी — 'बरगीर', जिन्हें राज्य द्वारा घोड़े और शस्त्र प्रदान किए जाते थे, तथा 'सिलहदार', जो स्वयं अपने घोड़े और हथियार सुसज्जित करते थे। 3. चौथ और देशमुखी कर प्रणाली के अंतर्गत 'चौथ' पड़ोसी क्षेत्रों से बाहरी आक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का एक-चौथाई (25%) हिस्सा था, जबकि 'देशमुखी' मराठा साम्राज्य के आंतरिक क्षेत्रों में वसूला जाने वाला अतिरिक्त 10% लगान था जिसे वतन पर अधिकार के रूप में लिया जाता था। 4. शिवाजी के काल में केंद्रीय प्रशासन और राजस्व वसूली के लिए पारंपरिक आनुवंशिक देशस्थ ब्राह्मणों और कुलकर्णी अधिकारियों के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था, और उनके स्थान पर केवल केंद्र द्वारा सीधे नियुक्त किए जाने वाले वेतनभोगी अधिकारियों को ही तैनात किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उससे जुड़े घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभाला क्योंकि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने उनके पिता की मृत्यु के बाद उनकी पेंशन बंद कर दी थी और उन्हें पुणे के पारंपरिक मराठा साम्राज्य से निष्कासित कर कानपुर के पास बिठूर में रहने के लिए विवश किया था। 2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और रणनीतिकार थे, ने विद्रोह से पूर्व लंदन जाकर ब्रिटिश संसद और जनता के समक्ष नाना साहब की पेंशन बहाली के लिए कानूनी पैरवी की थी और क्रीमिया युद्ध के दौरान यूरोपीय सैन्य रणनीतियों का अध्ययन किया था। 3. कानपुर में ब्रिटिश सेना के समर्पण के पश्चात, तात्या टोपे और अन्य विद्रोहियों ने सती चौरा घाट पर हुई दुखद हिंसा के तुरंत बाद नाना साहब को औपचारिक रूप से पेशवा घोषित कर दिया और नाना साहब ने खुद को मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर का गवर्नर नियुक्त करते हुए ब्रिटिश शासन के अंत की घोषणा की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजनीतिक कारणों के अंतर्गत डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झांसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया था, तथा मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के साथ ब्रिटिश सरकार द्वारा किए गए अपमानजनक व्यवहार ने पारंपरिक अभिजात वर्ग में गहरा असंतोष पैदा किया था। 2. सामाजिक और धार्मिक कारणों में वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) ने इस प्रावधान को कानूनी रूप दिया कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को उसकी पैतृक संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा, जिसे रूढ़िवादी भारतीयों ने ईसाई धर्म को बढ़ावा देने का षड्यंत्र माना। 3. आर्थिक कारणों के तहत अंग्रेजों की एकपक्षीय मुक्त व्यापार नीति और पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योगों के पतन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया था, किंतु ब्रिटिश भू-राजस्व प्रणालियों (जैसे स्थाई बंदोबस्त और रयतवारी) ने भारतीय किसानों को भारी ऋणजाल से पूरी तरह मुक्त कर दिया था। 4. सैन्य कारणों में 'सामान्य सेवा प्रयुक्त अधिनियम' (General Service Enlistment Act, 1856) के तहत भारतीय सैनिकों के लिए समुद्र पार करके विदेश में सेवा देना अनिवार्य कर दिया गया था, जिसे तत्कालीन पारंपरिक भारतीय समाज में धार्मिक मान्यताओं (समुद्र यात्रा से धर्म भ्रष्ट होना) के विरुद्ध माना गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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