त्वरित लिंक्स
History of India
11 views
सिंचाई कर (Haq-i-Sharb) की दर उपज का कितना भाग होती थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिंचाई कर उपज का 1/10 भाग था।
Related Questions
→
बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों, उनके संगीति इतिहास तथा संघ के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध दर्शन के अनुसार संसार का मूल आधार 'प्रतीत्यसमुत्पाद' (कारण-कार्य सिद्धांत) है, जो यह मानता है कि प्रत्येक वस्तु किसी न किसी पूर्ववर्ती कारण से उत्पन्न होती है, जबकि जैन धर्म का 'स्याद्वाद' (सप्तभंगीनय) ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत है।
2. जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के अनुयायी मोक्ष प्राप्ति के लिए वस्त्र त्याग कर पूर्ण नग्न रहना अनिवार्य मानते हैं, जबकि दिगंबर संप्रदाय के भिक्षु श्वेत वस्त्र धारण करते हैं।
3. बौद्ध संघ की सदस्यता के प्रारंभिक काल में जाति या लिंग का कड़ा बंधन नहीं था, और महात्मा बुद्ध के सौतेले भाई व शिष्य आनंद के विशेष अनुरोध पर संघ में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी, जिसमें सबसे पहले उनकी माता महाप्रजापति गौतमी को दीक्षित किया गया था।
4. जैन संघ के इतिहास में आयोजित प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें जैन धर्म के मूल उपदेशों को संकलित करने के लिए बारह अंगों का निर्माण किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
महात्मा गांधी के भारत आगमन के पश्चात उनके शुरुआती सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह (1917) में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा तिनकथिया प्रणाली के तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 20/3 भाग पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था, और इस आंदोलन के दौरान ही रविन्द्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था।
2. खेड़ा सत्याग्रह (1918) के दौरान फसल के पूर्णतः नष्ट हो जाने पर भी बॉम्बे सरकार द्वारा लगान माफ नहीं किया गया था, और गांधीजी के नेतृत्व में किसानों ने लगान अदायगी के बहिष्कार का सफल संघर्ष किया, जहाँ सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी के एक प्रमुख और समर्पित अनुयायी के रूप में उभरे।
3. अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) मिल मालिकों और मजदूरों के बीच 'प्लॉग बोनस' (Plague Bonus) को समाप्त करने के विरोध में की गई थी, जिसमें गांधीजी ने पहली बार भारत में किसी औद्योगिक विवाद के समाधान के लिए 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का सफल प्रयोग किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों और उनके प्रशासनिक सुधारों या संस्थानों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दीवान-ए-मुस्तखराज (राजस्व बकाया की जाँच के लिए विभाग) — अलाउद्दीन खिलजी
2. दीवान-ए-कोही (कृषि विकास और अकाल राहत के लिए विभाग) — मुहम्मद बिन तुगलक
3. दीवान-ए-बंदागान (दासों की देखभाल के लिए विभाग) — फिरोजशाह तुगलक
4. दीवान-ए-अर्ज (सैन्य विभाग की स्थापना और सुधार) — कुतुबुद्दीन ऐबक
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, 'मदद-ए-माश' (Madad-i-Maash) किसे इंगित करता है?
→
गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल की आर्थिक एवं मुद्रा प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल के विपरीत, गुप्त काल में सोने के सिक्कों (दीनार) की ढलाई बड़े पैमाने पर की गई, किंतु गुप्त साम्राज्य के उत्तरवर्ती चरणों (विशेषकर स्कंदगुप्त के शासनकाल के बाद) में जारी किए जाने वाले स्वर्ण सिक्कों में सोने की शुद्धता में निरंतर गिरावट और तांबे के सम्मिश्रण में वृद्धि देखी गई।
2. सातवाहन वंश (मौर्योत्तर काल) के दौरान तांबे और कांसे के सिक्कों के साथ-साथ सीसे (Lead) और प्रोटीन के सिक्कों का प्रचलन बड़े पैमाने पर था, जो इस काल में दक्कन क्षेत्र में धातु विज्ञान और खनिज उपलब्धता के उच्च विकास को दर्शाता है।
3. गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था में 'घटीयंत्र' (Persian wheel / Water-wheel) जैसी सिंचाई तकनीकों का उल्लेख अमरसिंह द्वारा रचित 'अमरकोश' और वाराहमिहिर की 'बृहत्संहिता' में मिलता है, जिसने कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
4. गुप्त प्रशासन द्वारा व्यापारिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए श्रेणियों (Guilds/श्रेणी) के पंजीकरण और उनके आंतरिक न्यायिक अधिकारों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था, जिससे व्यापारियों की स्वायत्तता नष्ट हो गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.