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History of India
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इब्राहिम लोदी के शासनकाल में अफगान सरदारों के असंतोष का मुख्य कारण क्या था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इब्राहिम का कठोर रवैया सरदारों को पसंद नहीं था।
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गुप्तोत्तर काल और गुप्त साम्राज्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में 'श्रेणी' (Guilds) नामक संस्थाएं व्यापारियों और शिल्पकारों के संगठन के रूप में कार्य करती थीं, जिन्हें अपनी खुद की न्यायिक शक्तियां प्राप्त थीं और वे अपने सदस्यों के आचरण का नियमन करती थीं।
2. फाह्यान (Fa-hsiang) के विवरण के अनुसार, इस काल में भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से वस्तु-विनिमय (Barter System) पर आधारित हो चुकी थी और दैनिक लेन-देन में सोने के सिक्कों का उपयोग आम नागरिकों द्वारा धड़ल्ले से किया जाता था।
3. गुप्त सम्राटों के शासनकाल में 'भूमि अनुदान' (Land Grants) की प्रथा में व्यापक विस्तार हुआ, जिसके फलस्वरूप सामंती व्यवस्था (Feudalism) के बीज पड़े और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला।
4. गुप्त काल में संस्कृत भाषा को राजकीय संरक्षण और अत्यधिक प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप कालिदास, शूद्रक और वाराहमहिहिर जैसे महान विद्वानों ने इसी काल में अपनी अमूल्य साहित्यिक कृतियों की रचना की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल काल में सरकारी दस्तावेजों और राजकीय पत्राचार के विभाग को क्या कहा जाता था?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में हुए घटनाक्रम और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के विद्रोही सैनिकों द्वारा 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के पश्चात अनिच्छुक और वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को औपचारिक रूप से भारत का 'शहिंशा-ए-हिंदुस्तान' (सम्राट) घोषित किया गया, जिससे इस सैन्य विद्रोह को एक राष्ट्रीय और राजनीतिक वैधता प्राप्त हुई।
2. दिल्ली में विद्रोह का वास्तविक सैन्य नेतृत्व और प्रशासनिक नियंत्रण 'दरबार' या 'सैनिक परिषद' के हाथों में था, जिसमें लगभग दस सिपाही और छह नागरिक सदस्यों को शामिल किया गया था, तथा बख्त खान ने इस परिषद के मुख्य सेनापति के रूप में ब्रिटिश सेना के विरुद्ध मोर्चा संभाला था।
3. ब्रिटिश सेनापति जॉन निकलसन और हडसन के नेतृत्व में लंबी घेराबंदी के बाद दिल्ली पर पुनः अंग्रेजों का अधिकार हो गया, जिसके उपरांत बहादुर शाह जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर लिया गया और उनके बेटों की सरेआम हत्या कर दी गई।
4. अंग्रेजों द्वारा मुकदमा चलाए जाने के पश्चात बहादुर शाह जफर को देशद्रोह और विद्रोह का मुख्य षड्यंत्रकारी मानकर फांसी की सजा सुनाई गई और उन्हें दिल्ली की ही लाल किले की जेल में मृत्युपर्यंत एकांतवास में रखा गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा साम्राज्य के प्रशासन, सैन्य संगठन और शिवाजी के शासनकाल की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था में 'अष्टप्रधान' (आठ मंत्रियों का परिषद) नामक मंत्रिपरिषद थी, जिसमें पेशवा (मझार) सर्वोच्च पद होता था जो सैन्य मामलों के अलावा अन्य सभी नागरिक और वित्तीय कार्यों की देखरेख करता था तथा मंत्रिपरिषद का प्रत्येक मंत्री सीधे छत्रपति के प्रति उत्तरदायी था।
2. राजस्व सुधारों के अंतर्गत शिवाजी ने जागीरदारी प्रथा को कड़ाई से हतोत्साहित किया और उसके स्थान पर अधिकारियों को नकद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया, हालांकि कुछ मामलों में सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान (सरंजाम) भी दिए जाते थे।
3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख कर थे, जिनमें चौथ मराठा राज्य की सीमा के बाहर पड़ोसी मुगल अथवा अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि सरदेशमुखी उस क्षेत्र पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाता था।
4. शिवाजी की घुड़सवार सेना दो प्रमुख भागों में विभाजित थी — 'पागा' (राजकीय घुड़सवार सेना) जिसमें सैनिकों को घोड़े और शस्त्र राज्य द्वारा प्रदान किए जाते थे, और 'सिहल्ती' या 'बारगीर' जो स्वयं अपने घोड़े और अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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इब्राहिम लोदी और मेवाड़ के राणा सांगा के बीच 1517-18 ई. में कौन सा युद्ध हुआ था?
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