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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, पॉल पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विलोपन या एक्सटिंक्शन' (Extinction)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत यदि किसी अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को बार-बार केवल अस्वाभाविक रूप में ही प्रस्तुत किया जाए और उसके साथ अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) यानी भोजन का युग्मन (Pairing) पूरी तरह बंद कर दिया जाए, तो धीरे-धीरे अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) का कमजोर होना और अंततः उसका पूरी तरह समाप्त हो जाना शामिल है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहार के परिमार्जन, आदत सुधार और आदतन प्रतिक्रियाओं के शमन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के पाठ्यक्रम और बाल विकास के सिद्धांतों के अनुसार, शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) में 'विलोपन' (Extinction) वह प्रक्रिया है जहाँ अनुबंधित उद्दीपक (CS) के साथ अननुबंधित उद्दीपक (US) के लगातार अनुपस्थित रहने पर अनुबंधित अनुक्रिया (CR) कमजोर पड़कर विलुप्त होने लगती है। कक्षा-कक्षीय परिप्रेक्ष्य में, यदि कोई विद्यार्थी अनुचित ध्यान आकर्षित करने के लिए कोई व्यवहार करता है और शिक्षक व सहपाठियों द्वारा उस व्यवहार को कोई पुनर्बलन या प्रतिक्रिया (ध्यान) नहीं दी जाती, तो शास्त्रीय और operant दोनों सिद्धांतों के समन्वय से वह अवांछित व्यवहार विलोपन के माध्यम से समाप्त हो जाता है। अतः विकल्प (b) इस संप्रत्यय के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है।
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→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory of Personality) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मानसिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहम् (Ego) द्वारा इद् (Id) की आवेगी माँगों और पराहम् (Superego) के नैतिक दबावों के बीच उत्पन्न होने वाली तीव्र चिंता (Anxiety), तनाव और मानसिक संघर्ष से व्यक्ति की रक्षा करने के लिए अचेतन रूप से किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक समायोजन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्रामाणिक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning)**—जिसे उस सार्थक और छात्र-केंद्रित अधिगम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत ज्ञान केवल बाहरी रूप से थोपा नहीं जाता, बल्कि शिक्षार्थी अपनी व्यक्तिगत जिज्ञासा, भावनाओं और वास्तविक जीवन के अनुभवों को जोड़कर विषयवस्तु को स्वयं के लिए प्रासंगिक बनाते हुए आत्मसात करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-निर्देशित अधिगम, भावनात्मक सहभागिता और सार्थक ज्ञानार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? 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