त्वरित लिंक्स
History of India
13 views
खिज्र खाँ के शासनकाल में करों की वसूली के लिए कौन सी पद्धति अपनाई गई थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सैयद शासक कर वसूली के लिए सैन्य बल का उपयोग करते थे।
Related Questions
→
तानसेन किसके दरबार के संगीतज्ञ थे?
→
इब्राहिम लोदी की मृत्यु के साथ ही भारत में किस नए साम्राज्य की नींव पड़ी?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उससे संबंधित प्रमुख क्रांतिकारियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिन्हें ब्रिटिश सेना द्वारा पकड़ने के लिए पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, तथा अंततः पवयां के राजा के यहाँ विश्वासघात के कारण वे मारे गए।
2. बरेली में खान बहादुर खान ने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया था, और विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने इस क्षेत्र पर पुनः अधिकार प्राप्त किया, जिसके उपरांत खान बहादुर खान नेपाल भाग गए थे जहाँ उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।
3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी लियाकत अली ने किया था, जिन्हें ब्रिटिश अधिकारी कर्नल जेम्स नील (Colonel James Neill) ने अत्यंत क्रूरता के साथ इस विद्रोह को कुचलते हुए पराजित किया था।
4. बरेली में विद्रोह के दमन के बाद खान बहादुर खान को गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर मुकदमा चलाकर 1860 में बरेली की जिला जेल के सामने सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
1857 के महान विद्रोह के विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना द्वारा विद्रोह के दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल
3. कानपुर - मेजर जनरल हैवलॉक
4. झाँसी - जेम्स आउट्राम
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1857 के विद्रोह के पास न तो कोई केंद्रीय संगठन और सुसंगत योजना थी और न ही कोई अखिल भारतीय दृष्टिकोण; अधिकांश नेता अपने स्थानीय हितों और क्षेत्रों की सीमाओं से बंधे हुए थे, जिसके कारण ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ एक समन्वित अखिल भारतीय प्रतिरोध खड़ा नहीं किया जा सका।
2. नाना साहब, रानी लक्ष्मीबाई और कुंवर सिंह जैसे क्षेत्रीय नेतृत्व ने अत्यधिक वीरता का प्रदर्शन किया, किंतु उनके पास आधुनिक सैन्य तकनीक, संचार के साधन और आर्थिक संसाधनों का भारी अभाव था, जबकि ब्रिटिश सेना के पास तार (टेलीग्राम) व्यवस्था और रेलवे जैसे आधुनिकीकृत साधन मौजूद थे।
3. भारत के अधिकांश शिक्षित वर्ग, व्यापारियों, बड़े जमींदारों और आधुनिक पश्चिमी शिक्षा प्राप्त मध्य वर्ग ने 1857 के विद्रोह में क्रांतिकारियों का सक्रिय समर्थन किया और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक व्यापक जन-क्रांति का सूत्रपात किया।
4. बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों द्वारा औपचारिक रूप से भारत का सम्राट घोषित तो कर दिया गया था, किंतु वृद्धावस्था और कमजोर नेतृत्व क्षमता के कारण वे विभिन्न छावनियों से आने वाले विद्रोही सैनिकों और सेनापतियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने में असमर्थ रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.