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History of India
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इब्राहिम लोदी की मृत्यु के साथ ही भारत में किस नए साम्राज्य की नींव पड़ी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना हुई।
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तानसेन किसके दरबार के संगीतज्ञ थे?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और तदुपरांत आरंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जबकि इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा करते हुए बहिष्कार प्रस्ताव पारित किया गया था।
2. लार्ड कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन का मुख्य आधार केवल प्रशासनिक असुविधा और बड़े प्रांत का कुशल संचालन बताया गया था, परंतु गुप्त शासकीय दस्तावेजों और समकालीन राष्ट्रवादी विश्लेषणों से यह स्पष्ट हो गया कि इसका वास्तविक राजनीतिक उद्देश्य उभरते हुए बंगाली राष्ट्रवाद की ताकत को खंडित करना और 'फूट डालो और राज करो' की नीति के तहत सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना था।
3. बंगाल विभाजन के प्रभावी होने की तिथि (16 अक्टूबर 1905) को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव जुलूस निकाले और रबीन्द्रनाथ ठाकुर के आह्वान पर एक-दूसरे की कलाई पर 'राखी बांधी' ताकि हिंदू और मुस्लिम एकता का सुदृढ़ प्रदर्शन किया जा सके।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (National Council of Education) की स्थापना 15 अगस्त 1906 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली का बहिष्कार कर साहित्यिक, वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षण संस्थानों का विकास करना था, और इसके प्रथम अध्यक्ष अरबिंदो घोष बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक संरचना और भूमि अनुदान व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में 'अग्रहार' भूमि वह भूमि होती थी जो मंदिरों और ब्राह्मणों को कर-मुक्त रूप से दान दी जाती थी, जिस पर स्थानीय प्रशासकों का कोई हस्तक्षेप नहीं होता था।
2. गुप्त सम्राटों द्वारा जारी किए गए स्वर्ण सिक्के (जिसे 'दीनार' कहा जाता था) कुषाणों के स्वर्ण सिक्कों की तुलना में अधिक शुद्धता और कलात्मक सुंदरता प्रदर्शित करते थे, विशेष रूप से कुमारगुप्त प्रथम के मयूर प्रकार के सिक्के।
3. इस काल में व्यापारिक गतिविधियों में गिरावट आने के कारण श्रेणी (Guilds) व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो गई थी और मुद्रा अर्थव्यवस्था का स्थान पूर्णतः वस्तु-विनिमय प्रणाली (Barter System) ने ले लिया था।
4. गुप्त प्रशासन में प्रांत को 'भुक्ति' कहा जाता था, जिसके प्रमुख को 'उपरिक' कहा जाता था, तथा भुक्तियों का विभाजन 'विषय' (जिला) में होता था, जिसके प्रशासनिक अधिकारी को 'विषयपति' कहा जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में लोहे के व्यापक ज्ञान और उसके सैन्य व कृषि उपयोग के स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं, जिसके कारण इस काल में बस्तियों का स्थायी शहरीकरण तेजी से विकसित हुआ था।
2. उत्तर वैदिक काल में आर्यों का विस्तार गंगा-यमुना दोआब की ओर हुआ, और इस दौरान 'शतपथ ब्राह्मण' में पूर्वी क्षेत्र की ओर विस्तार की कथा (वैश्वानर आग्नि कथा) का उल्लेख मिलता है।
3. ऋग्वेद में 'दुहितृ' (गोदुहन करने वाली) शब्द पुत्री के लिए प्रयोग किया जाता था, जो यह दर्शाता है कि ऋग्वैदिक समाज में पशुधन (विशेषकर गाय) का आर्थिक जीवन में केंद्रीय महत्व था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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गुप्त साम्राज्य (Gupta Empire) की प्रशासनिक व्यवस्था और आर्थिक जीवन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में 'भूमि छिद्र न्याय' (Bhumichhidra Nyaya) की अवधारणा का संबंध उस कानूनी अधिकार से था जिसके तहत बंजर या बेकार भूमि को पहली बार जोतने वाले व्यक्ति को उस भूमि पर पूर्ण स्वामित्व प्राप्त हो जाता था।
2. इस काल में दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ व्यापार के पतन के कारण सोने के सिक्कों (दीनार) की ढलाई पूरी तरह बंद हो गई थी और आंतरिक व्यापार केवल कौड़ियों के माध्यम से होता था।
3. गुप्त प्रशासनिक अधिकारियों में 'महादंडनायक' मुख्य रूप से सैन्य बलों का सर्वोच्च सेनापति होता था, जो न्याय विभाग का कार्य भी संभालता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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