समायोजन एवं रक्षा-युक्तियाँ
Asked 2 weeks ago · Viewed 3 times
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या डिफेंस मैकेनिज्म' (Defense Mechanisms)**—विशेषकर **'युक्तिकरण या рационализация / Rationalization'**—जिसे उस अचेतन मानसिक युक्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी किसी असफलता, अस्वीकार्य इच्छा या चिंताजनक व्यवहार को छिपाने के लिए तार्किक और सामाजिक रूप से स्वीकार्य, किंतु झूठे या बनावटी कारण गढ़ लेता है ताकि उसके 'अहं' (Ego) को आघात न पहुँचे और आत्म-सम्मान सुरक्षित रहे—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, शैक्षणिक कुंठाओं और रक्षात्मक व्यवहार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'युक्तिकरण' (Rationalization) एक ऐसा रक्षा तंत्र (Defense Mechanism) है जिसका उपयोग व्यक्ति (विशेषकर छात्र) अपनी विफलताओं, अवांछित व्यवहार या कमियों को तर्कसंगत बनाने के लिए करता है ताकि वह अपनी असफलताओं के लिए खुद को जिम्मेदार मानने से बच सके और अपने आत्म-सम्मान की रक्षा कर सके। उदाहरण के लिए, परीक्षा में असफल होने पर 'अंगूर खट्टे हैं' या अनुचित बहाने बनाना इसी श्रेणी में आता है। विकल्प 'a' इस संप्रत्यय के मनोवैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थ को पूरी तरह से सटीक और वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करता है।
अगला प्रश्न →
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic…
← पिछला प्रश्न
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic…
Related Questions
→
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहंकार (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेգिक इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) की नैतिक पाबंदियों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्तिशोथ या अवचेतन स्तर पर 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) या 'ओडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) के समाधान के दौरान माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करने के बजाय उस चरण में मानसिक रूप से उलझ कर रह जाता है, तो फ्रायड के अनुसार इस विकासात्मक ठहराव (Fixation) का वयस्क जीवन में व्यक्ति के व्यवहार पर सबसे प्रमुख मनोवैज्ञानिक प्रभाव क्या होगा?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage) में बालकों द्वारा अनुभव की जाने वाली 'ईडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) और बालिकाओं द्वारा अनुभव की जाने वाली 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) की गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था (लगभग 3 से 6 वर्ष) के दौरान व्यक्तित्व विकास और पहचान निर्माण (Identification) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में व्यक्तित्व की गत्यात्मकता को समझने के लिए रक्षा प्रयुक्तियों (Defense Mechanisms) की संकल्पना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब कोई व्यक्ति अपनी अस्वीकार्य इच्छाओं, आवेगों या कुंठाओं को किसी ऐसे सामाजिक रूप से स्वीकृत या उच्चतर उद्देश्य की ओर मोड़ देता है जिसका समाज में उच्च मूल्यांकन किया जाता है, तो फ्रायड के अनुसार इस विशिष्ट रक्षा युक्ति को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
→
रीता और जे. एस. ड्रेवर (Drever) अथवा सामान्य मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान (Mental Hygiene) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'असमायोजन और रक्षात्मक युक्तियाँ (विशेषकर युक्तिकरण या रेशनलाइजेशन - Rationalization)'**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी विफलताओं, अवांछनीय व्यवहारों, या आंतरिक संघर्षों को छिपाने या उनसे उत्पन्न होने वाली चिंता से बचने के लिए तार्किक, बौद्धिक रूप से स्वीकार्य लेकिन पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत बहाने या कारण प्रस्तुत करता है ताकि समाज और स्वयं की नज़रों में उसकी छवि सुरक्षित रह सके (उदाहरणार्थ: 'अंगूर खट्टे हैं' या 'लोमड़ी और खट्टे अंगूर' की कहावत) — के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तार्किक स्वावलंबन और आत्म-मूल्यांकन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.