गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
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गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के संस्थापकों—मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर—के 'सूझ या अंतर्दृष्टि अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning / Gestalt Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अवबोध या संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring / Insight)**—जिसे उस अचानक होने वाले मानसिक प्रबोधन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत प्राणी समस्या की संपूर्ण परिस्थिति (Field) के बिखरे हुए तत्वों को आंशिक रूप से देखने के बजाय उन्हें एक नई समग्र संरचना (Gestalt) में मानसिक रूप से जोड़कर बिना किसी यांत्रिक प्रयास (Trial and Error) के समस्या का तात्कालिक और तार्किक हल ढूंढ लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, रचनात्मक समस्या समाधान (Creative Problem Solving) और समग्र बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादियों (विशेषकर कोहलर के चिम्पाजी पर किए गए प्रयोगों) के अनुसार, अधिगम केवल थॉर्नडाइक की तरह प्रयत्न और भूल (Trial and Error) का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्थिति के संपूर्ण क्षेत्र (Field) के प्रत्यक्षीकरण और उसके 'संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring) पर आधारित होता है। जब शिक्षार्थी समस्या के विभिन्न अंगों के बीच आपसी संबंधों को अचानक समझ जाता है, तो उसे 'सूझ' (Insight) कहते हैं। MPTET परीक्षा की दृष्टि से यह संप्रत्यय विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने और तार्किक, सृजनात्मक तथा समग्र चिंतन (Holistic Thinking) को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अंतर्गत मैक्स वर्दहाइमर (Max Wertheimer), कोहका (Koffka) और कोहलर (Kohler) द्वारा प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning / Theory of Insight)**—जिसे उस अचानक और तात्कालिक मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति किसी समस्या या परिस्थिति के केवल आंशिक पहलुओं को देखने के बजाय उसके संपूर्ण क्षेत्र (Total Field) का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए अचानक संपूर्ण समस्या की आंतरिक संरचना और उसके विभिन्न घटकों के बीच के तार्किक संबंधों को स्पष्ट रूप से समझ लेता है (अर्थात 'अरे! मिल गया' या 'Aha! Experience')—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के रचनात्मक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक पुनर्गठन और अर्थपूर्ण ज्ञानार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) और कोह्लाक (Wolfgang Köhler) के 'सूझ या अंतर्दृष्टि अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अवस्थान्तरण या रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring)'**—जिसे उस मानसिक और संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति किसी समस्या या उलझन के पारंपरिक और रूढ़िबद्ध दृष्टिकोण को त्यागकर परिस्थिति के विभिन्न घटकों और अवयवों के आपसी संबंधों को अचानक एक नए और समग्र परिप्रेक्ष्य में देखता है, जिससे समस्या का समाधान तुरंत और स्पष्ट रूप से प्रकट हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सृजनात्मक चिंतन, अमूर्त अवधारणात्मक स्पष्टता और आकस्मिक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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वोल्फगैंग कोहलर द्वारा सुझाये गए 'अंतर्दृष्टि अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत, समस्या समाधान की प्रक्रिया में 'अचानक सूझ' (Aha! Experience) उत्पन्न होने के पीछे कौन-सी संज्ञानात्मक और गेस्टाल्टवादी मुख्य प्रक्रिया कार्य करती है?
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के संदर्भ में, चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और कोहलर की इस संकल्पना का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम सिद्धांत की सबसे मौलिक, वैज्ञानिक और विशिष्ट विशेषता को रेखांकित करता है?
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