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History of India
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विजयनगर में स्थानीय प्रशासन की "आयगार व्यवस्था" (Ayagar System) का संबंध किससे था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह 12 अधिकारियों की ग्रामीण प्रशासनिक इकाई थी।
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक, सैन्य एवं राजस्व सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों को नगद वेतन देने की स्थायी व्यवस्था शुरू की और घोड़ों को दागने तथा सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा लागू की ताकि सैन्य भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लग सके।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित की, जिसका प्रमुख उद्देश्य मंगोल आक्रमणों से सुरक्षा प्राप्त करना तथा साम्राज्य के मध्य भाग में प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना था, किंतु यह योजना कुप्रबंधन और परिवहन की कठिनाइयों के कारण असफल रही।
3. फ़िरोज़ शाह तुगलक ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर नहरों का निर्माण कराया, जिनमें 'हक-ए-शर्ब' नामक सिंचाई कर उन किसानों पर लगाया गया जो राज्य की नहरों से पानी प्राप्त करते थे, और यह कर कुल उपज का 1/10वां हिस्सा निर्धारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजनीतिक कारणों के अंतर्गत लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के माध्यम से सतारा, नागपुर और झाँसी के अतिरिक्त अवध का विलय वर्ष 1856 में कुशासन के आधार पर किया गया, जिससे अवध के सैनिकों और पारंपरिक अभिजात वर्ग में गहरा असंतोष व्याप्त हुआ।
2. सामाजिक और धार्मिक कारणों में वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) द्वारा हिंदू धर्म त्यागने वाले व्यक्तियों को भी पैतृक संपत्ति में अधिकार देने का प्रावधान किया गया, जिसे रूढ़िवादी भारतीयों ने ईसाई धर्म के प्रचार और धर्मांतरण का षड्यंत्र माना।
3. आर्थिक कारणों में अंग्रेजों की मुक्त व्यापार नीति और औपनिवेशिक आर्थिक शोषण के कारण भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग पूरी तरह नष्ट हो गए, क्योंकि ब्रिटिश आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाकर उन्हें भारतीय बाजारों में संरक्षण प्रदान किया गया था।
4. सैन्य कारणों के तहत वर्ष 1856 के 'सामान्य सेना सेवा अधिनियम' (General Service Enlistment Act) ने बंगाल आर्मी के नए रंगरूटों के लिए आवश्यकता पड़ने पर समुद्र पार विदेश जाकर सेवा देना अनिवार्य कर दिया, जिससे पारंपरिक हिंदू सैनिकों में अपनी जाति और धर्मभ्रष्ट होने का गंभीर भय उत्पन्न हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह के दमन और उससे जुड़े सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश सेनाओं से कड़े संघर्ष के बाद पराजित होना पड़ा और अंततः पुवायाँ के एक स्थानीय राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी।
2. बरेली में खान बहादुर खान ने रोहिलखंड क्षेत्र में विद्रोह की बागडोर संभाली थी, किंतु ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने अत्यंत आक्रामक सैन्य कार्रवाई कर इस विद्रोह को पूरी तरह कुचल दिया तथा खान बहादुर खान को मृत्युदंड दिया गया।
3. इलाहाबाद में लियाकत अली ने विद्रोह का सफलतापूर्वक संचालन किया था, लेकिन ब्रिटिश सैन्य अधिकारी जनरल नील ने अत्यधिक निर्ममता का परिचय देते हुए वहाँ के नागरिकों और विद्रोहियों का बड़े पैमाने पर दमन किया और विद्रोह को समाप्त कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें अंग, मगध, वज्जी और मल्ल जैसे महाजनपद शामिल थे, और इनमें से वज्जी तथा मल्ल संघों में राजतांत्रिक शासन प्रणाली के स्थान पर गणतंत्रात्मक (Sangha/Gana) व्यवस्था प्रचलित थी।
2. मगध महाजनपद के शुरुआती उत्कर्ष में उसकी आरंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) की सामरिक और भौगोलिक स्थिति का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान था, क्योंकि यह पाँच पहाड़ियों—वैभवगिरि, गृध्रकूट, ऋतगिरि, वियुपुल और सोनागिरि—से घिरी हुई एक प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुरक्षित राजधानी थी।
3. हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार (श्रेणिक) ने वैवाहिक संबंधों और साम्राज्यवादी विजयों की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने कौशल, मल्ल और वज्जी राजवंशों में विवाह कर अपनी स्थिति मजबूत की तथा अंग महाजनपद को जीतकर अपने साम्राज्य में मिला लिया था।
4. शिशुनाग वंश के शासक कालाशोक (ककवर्ण) के शासनकाल में ही पाटलिपुत्र में बौद्ध धर्म की द्वितीय संगीति (Council) का आयोजन किया गया था, और इसी वंश के शासनकाल के दौरान मगध ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी अवंती महाजनपद को पूरी तरह पराजित कर अपने अधीन कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों—स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा वर्ष 1793 में लागू किए गए 'स्थाई बंदोबस्त' के तहत जमींदारों को भूमि का स्वामी बना दिया गया और भू-राजस्व की दर को हमेशा के लिए निश्चित कर दिया गया, जिससे किसानों की स्थिति मात्र किराएदार जैसी हो गई।
2. थॉमस मुनरो द्वारा मुख्य रूप से मद्रास प्रेसीडेंसी में लागू की गई 'रयतवारी व्यवस्था' में सरकार और किसान (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें बीच के किसी भी बिचौलिए को मान्यता नहीं दी गई थी और किसानों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया गया था।
3. उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों में लागू की गई 'महालवारी व्यवस्था' के अंतर्गत भू-राजस्व के निर्धारण की इकाई व्यक्तिगत किसान को न बनाकर पूरे गाँव या 'महाल' को बनाया गया था, जिसमें संपूर्ण ग्राम समुदाय सामूहिक रूप से राजस्व भुगतान के लिए उत्तरदायी होता था।
4. इन तीनों भू-राजस्व प्रणालियों की एक प्रमुख विशेषता यह थी कि ब्रिटिश सरकार ने कभी भी अत्यधिक उच्च राजस्व दरों का निर्धारण नहीं किया और हमेशा किसानों की भुगतान क्षमता तथा फसल की वास्तविक पैदावार को सर्वोपरि रखा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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