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History of India
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विजयनगर के लोग व्यापार के लिए घोड़ों का आयात मुख्य रूप से कहाँ से करते थे?

Detailed Explanation

घोड़े मुख्य रूप से अरब और फारस से लाए जाते थे।
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में लोहे का व्यापक ज्ञान था और इसका उपयोग कृषि उपकरणों, हथियारों तथा नगरों के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता था, जिसे साहित्य में 'श्याम अयस' कहा गया है। 2. उत्तर वैदिक काल में वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर अधिक कठोर हो गई, और इस काल में 'गोत्र' प्रथा की संस्थागत स्थापना हुई, जिसका शाब्दिक अर्थ वह स्थान था जहाँ पूरे कुल का गोधन (मवेशी) एक साथ पाला जाता था। 3. ऋग्वैदिक काल में राजा की शक्ति निरंकुश नहीं थी, बल्कि उसे 'सभा' और 'समिति' नामक संस्थाओं द्वारा नियंत्रित किया जाता था, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी होती थी। 4. वैदिक साहित्य में उल्लिखित 'नदीसूक्त' (ऋग्वेद के दसवें मंडल में) सिंधु और उसकी सहायक नदियों का उल्लेख करता है, जिसमें सरस्वती नदी को सबसे पवित्र नदी ('नदितम') माना गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह को कुचले गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. मेजर जनरल हैवलॉक — लखनऊ और कानपुर में विद्रोही ताकतों के विरुद्ध सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया तथा कर्नल जेम्स नील के साथ मिलकर अवध की प्रारंभिक घेराबंदी को सुदृढ़ किया। 2. सर ह्यूरोज — झाँसी और ग्वालियर क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई तथा तात्या टोपे की सेना के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया और झाँसी के पतन के बाद रानी की वीरता की प्रशंसा करते हुए उन्हें "विद्रोहियों में एकमात्र मर्द" कहा। 3. विलियम टेलर और विंसेंट आयर — बिहार क्षेत्र में बाबू वीर कुंवर सिंह के नेतृत्व में हुए विद्रोह को दबाने और आरा पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने के लिए सैन्य कार्रवाई का संचालन किया। 4. कर्नल जेम्स नील — रोहिलखंड क्षेत्र में खान बहादुर खान के विद्रोह को कुचला तथा बरेली में शांति स्थापित करते हुए गवर्नर जनरल के आदेश पर प्रशासनिक सुधार लागू किए। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? वैदिक सभ्यता एवं वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में पुरोहितों को दक्षिणा के रूप में मुख्य रूप से गायें और घोड़े दिए जाते थे, जबकि कृषि भूमि के निजी स्वामित्व या उसके क्रय-विक्रय का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलता है। 2. उत्तर वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग (जिसे 'कृष्ण अयस्क' कहा गया है) के कारण कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई, जिससे कबीलाई समाज ('जन') के स्थान पर बड़े क्षेत्रीय राज्यों या जनपदों का उदय हुआ। 3. शतपथ ब्राह्मण में कृषि से जुड़ी सभी प्रमुख क्रियाओं—जुताई, बुआई, कटाई और मड़ाई का विस्तृत विवरण मिलता है, तथा इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा के माध्यम से आर्यों के सदा नीरा (गंडक नदी) की ओर पूर्वी प्रसार का उल्लेख है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के राजवंशों (पल्लव, चालुक्य और चोल) के प्रशासन एवं स्थापत्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पल्लव नरेश नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय को पराजित करके 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी और महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) में एकाश्म रथ मंदिरों का निर्माण करवाया था। 2. हर्ष के शासनकाल में नालंदा विश्वविद्यालय की यात्रा करने वाले चीनी यात्री ह्वेनसांग के विवरण के अनुसार, साम्राज्य की आय चार भागों में विभाजित थी—पहला राजकीय कार्यों व मंत्रियों के वेतन के लिए, दूसरा शिक्षा एवं बौद्ध विहारों के लिए, तीसरा सरकारी कर्मचारियों के लिए और चौथा धार्मिक कार्यों तथा दान के लिए। 3. चोल राजवंश की प्रसिद्ध स्थानीय स्वशासन प्रणाली, जो उत्तरमेरूर शिलालेखों से ज्ञात होती है, में ग्राम सभा के सदस्यों का चयन 'कुरावै' नामक गुप्त मतदान या पर्ची (लॉटरी) पद्धति द्वारा किया जाता था। 4. चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय और हर्षवर्धन के बीच नर्मदा नदी के तट पर हुए निर्णायक युद्ध का विवरण जैन कवि रविकीर्ति द्वारा रचित 'ऐहोल प्रशस्ति' में प्राप्त होता है, जिसमें पुलकेशिन द्वितीय की विजय का उल्लेख है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की परिपक्व अवस्था के नगर-विन्यास, अर्थव्यवस्था और शिल्प उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हड़प्पाकालीन अधिकांश नगरों में 'ग्रिड प्रणाली' (Grid System) पर आधारित नगर नियोजन दिखाई देता है, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं, और सामान्यतः मकानों के दरवाजे मुख्य सड़क की ओर न खुलकर पीछे की गलियों में खुलते थे। 2. लोथल और चान्हूदो जैसे स्थलों से मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factories) के साक्ष्य मिले हैं, जहाँ कार्नेलियन, जैस्पर, शंख और स्टीलाइट जैसे पत्थरों और सामग्रियों का उपयोग करके आभूषणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता था। 3. सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों से लोहे के कृषि उपकरण जैसे फाल (Ploughshare) और हथियार बड़े पैमाने पर प्राप्त हुए हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि इस सभ्यता के लोग लोहे की धातुकर्म तकनीक से भली-भांति परिचित थे। 4. कालीबंगा से जुते हुए खेत का साक्ष्य (Ploughed field evidence) मिला है, जिसमें दो अलग-अलग फसलें (संभवतः चना और सरसों) एक साथ उगाने के प्रमाण मिलते हैं, और यहाँ की प्राक्कैथी (Pre-Harappan) स्तर पर भी बस्ती के अवशेष पाए गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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