नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 1 month ago · Viewed 10 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, कौन सी अवस्था 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) के अंतर्गत आती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में तीन स्तर हैं। दूसरा स्तर 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) है, जिसके अंतर्गत 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Stage 3) और 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Stage 4) आते हैं।
अगला प्रश्न →
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' किस…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग'…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन केवल इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार का सामाजिक विघटन न हो, तो कोहलबर्ग के किस स्तर और चरण का यह सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है?
→
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) किस आयु वर्ग से संबंधित है?
→
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'परम्परागत नैतिकता का स्तर' किस आयु वर्ग से संबंधित है?
→
कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोह्लबर्ग ने अपने इस सिद्धांत को प्रतिपादित करने के लिए 'हाइन्ज़ दुविधा' (Heinz's Dilemma) नामक नैतिक कहानियों का उपयोग करके बच्चों और वयस्कों के साक्षात्कार लिए थे।
2. 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले बच्चे नियमों का पालन केवल इसलिए करते हैं ताकि उन्हें सजा से बचाया जा सके या पुरस्कार प्राप्त हो सके, जिसमें उनका नैतिकता का आधार बाहरी नियंत्रण पर निर्भर होता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) के चौथे चरण (सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास) में व्यक्ति यह मानता है कि कानून समाज की भलाई के लिए हैं और यदि कोई कानून अन्यायपूर्ण है तो उसे बदला जाना चाहिए।
4. कोह्लबर्ग के सिद्धांत की एक प्रमुख आलोचना मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा की गई थी, जिन्होंने यह तर्क दिया कि कोह्लबर्ग का मॉडल पुरुषों की न्याय-केंद्रित नैतिकता पर आधारित है और महिलाओं की देखभाल तथा संबंधों से जुड़ी नैतिकता (Care Perspective) की उपेक्षा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) की अंतिम अवस्था यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखता' (Universal Ethical Principle Orientation) का सूक्ष्म और विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, इस अवस्था की सबसे विशिष्ट, मौलिक और दार्शनिक रूप से परिपक्व विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.