जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'संज्ञानात्मक संघर्ष' (Cognitive Conflict या Disequilibrium) की अवधारणा का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यह स्थिति बच्चे के मानसिक विकास में किस प्रकार उत्प्रेरक का कार्य करती है तथा 'समाविष्टीकरण' (Accommodation) की प्रक्रिया को कैसे ट्रिगर करती है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा किसी ऐसी नवीन सूचना या अनुभव का सामना करता है जो उसके मौजूदा 'स्कीमा' (Schema) में फिट नहीं बैठती है, तो उसके मस्तिष्क में 'संज्ञानात्मक असंतुलन' (Disequilibrium) या संज्ञानात्मक संघर्ष पैदा होता है। इस मानसिक असहजता को दूर करने के लिए बच्चा या तो अपनी पुरानी स्कीमा में संशोधन करता है या एक नया स्कीमा विकसित करता है, जिसे 'समाविष्टीकरण' (Accommodation) कहा जाता है। इस प्रकार असंतुलन और संज्ञानात्मक संघर्ष बौद्धिक विकास और ज्ञान के निर्माण का मुख्य चालक है। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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