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History of India
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शेरशाह सूरी की मृत्यु:

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1545 में कालिंजर के घेरे में हुई।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उनके सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व करते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया और अजीमुल्ला खां को अपना मुख्य सलाहकार एवं कूटनीतिक प्रतिनिधि नियुक्त किया, जिन्होंने इस विद्रोह के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2. तात्या टोपे ने नाना साहब के सेनापति के रूप में कानपुर की सुरक्षा का उत्तरदायित्व संभाला, और ब्रिटिश जनरल सर कॉलिन कैंपबेल से पराजित होने के पश्चात वे ग्वालियर की सेना को संगठित करने के लिए आगे बढ़े। 3. कानपुर में ब्रिटिश सेना के आत्मसमर्पण के उपरांत घटी 'सती चौरा घाट' (बीबीघर नरसंहार) की घटना के पश्चात ब्रिटिश सेनापति कर्नल नील ने अत्यंत क्रूरतापूर्वक कानपुर के विद्रोह का दमन किया और स्थानीय नागरिकों को कठोर दंड दिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ? जहाँगीर के समय किस अंग्रेज व्यापारी ने सूरत में व्यापारिक कोठी स्थापित करने की अनुमति मांगी थी? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की गतिविधियों तथा रणनीतिक प्रंबध के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व करते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया और पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र होने के नाते ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी पेंशन और उपाधि रोके जाने के प्रतिशोध में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध शस्त्र उठाए। 2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और निष्ठावान सहयोगी थे, ने कूटनीतिक और वैचारिक पक्ष संभालते हुए लंदन में पेंशन बहाली के लिए पैरवी की थी और बाद में तात्या टोपे के साथ मिलकर कानपुर की सैन्य रणनीति को अमलीजामा पहनाया। 3. तात्या टोपे ने कानपुर के पतन के पश्चात अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया और वहाँ की सेना को अपने पक्ष में मिलाकर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना को कड़ी चुनौती दी। 4. कानपुर में पराजय के बाद नाना साहब अंग्रेजों के हाथों जीवित पकड़े गए और ब्रिटिश अदालत द्वारा मुकदमा चलाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से कानपुर में ही फाँसी पर लटका दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? फिरोज शाह तुगलक ने जगन्नाथ मंदिर (पुरी) और ज्वालामुखी मंदिर (कांगड़ा) को किस वर्ष लूटा था?
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