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Child Development
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शैक्षणिक आकलन और मूल्यांकन की प्रणालियों में 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकलनत्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के उद्देश्यों, तौर-तरीकों और उनके तात्कालिक एवं दीर्घकालिक प्रभावों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और व्यावहारिक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) का मुख्य उद्देश्य अधिगम प्रक्रिया के दौरान छात्रों की प्रगति की निरंतर निगरानी करना और अध्यापन में सुधार करना है ताकि अधिगम की बाधाओं को दूर किया जा सके। इसके विपरीत, संकलनत्मक मूल्यांकन (Summative Assessment) का उद्देश्य एक विशिष्ट शिक्षण अवधि के अंत में छात्र के कुल प्रदर्शन का आकलन और प्रमाणीकरण करना होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस चरण के सबसे मौलिक और विशिष्ट लक्षण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → मानव विकास के विभिन्न सिद्धांतों में 'परस्पर संबंध का सिद्धांत' (Principle of Interrelation) और 'विकास की भविष्यवाणी की जा सकती है का सिद्धांत' (Principle of Predictability) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के वैज्ञानिक और व्यावहारिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत कार्ल रोजर्स और जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'छात्र-केंद्रित शिक्षा' (Student-Centered Education) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कक्षा-कक्षीय परिवेश में इन शैक्षिक सुधारों के सबसे मौलिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक उद्देश्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी के 'लर्निंग बाय डूइंग' (करके सीखना) और 'अनुभवात्मक शिक्षा' (Experiential Education) के सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शैक्षिक दर्शन की सबसे मौलिक और व्यावहारिक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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