Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म और समालोचनात्मक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान इन दोनों दस्तावेजों के उस मुख्य दार्शनिक और व्यावहारिक उद्देश्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो पारंपरिक रटन प्रणाली को समाप्त कर बाल-केन्द्रित समावेशी शिक्षा को सुनिश्चित करता है?
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Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) ने शिक्षा को रटन प्रणाली (Rote Learning) से मुक्त करने और ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने की वकालत की थी, जिसे वैधानिक मान्यता 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009)' की धारा 29 के अंतर्गत पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रियाओं के निर्धारण के माध्यम से प्रदान की गई। यह अधिनियम यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे की मातृभाषा में शिक्षण हो और शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न पूरी तरह से प्रतिबंधित हो। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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शैक्षणिक आकलन और मूल्यांकन की प्रणालियों में 'रचनात्मक आकलन' (Formative…
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन के…
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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