Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 11 times
गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के 'शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के अंतर्गत, व्यक्तित्व के निर्धारण में 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits) और 'प्रमुख या कार्डिनल शील गुण' (Cardinal Traits) के मध्य तात्विक और संरचनात्मक अंतर का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गॉर्डन ऑलपोर्ट के शील गुण सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व के शील गुणों को तीन स्तरों—कार्डिनल (प्रमुख), केंद्रीय और गौण (Secondary) शील गुणों में वर्गीकृत किया गया है। 'कार्डिनल शील गुण' इतने शक्तिशाली और सर्वव्यापी होते हैं कि व्यक्ति के जीवन का हर कार्य और प्रेरणा उन्हीं से संचालित होती है (जैसे नेपोलियन के लिए 'सत्ता की लालसा' या गांधीजी के लिए 'अहिंसा'), जो कि बहुत कम लोगों में पाए जाते हैं। इसके विपरीत, 'केंद्रीय शील गुण' वे बुनियादी विशेषताएं हैं जो हमारे सामान्य व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं (जैसे ईमानदारी, मिलनसारिता, बुद्धिमत्ता) और अधिकांश लोगों में प्रमुखता से पाई जाती हैं। इस सिद्धांत की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के संदर्भ में…
← पिछला प्रश्न
वोल्फगैंग कोहलर द्वारा सुल्तान (चिम्पांजी) पर किए गए…
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की मुख्य विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा संज्ञानात्मक कौशल इस अवस्था के बालकों द्वारा सफलतापूर्वक अर्जित कर लिया जाता है, जबकि वे पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में इससे असमर्थ होते हैं?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'विकास के सिद्धांतों' (Principles of Development) के संदर्भ में, 'विकास की अनवरतता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) और 'विकास की व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) का गहन मनोवैज्ञानिक और जैविक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की वास्तविक तात्विक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत, समस्या समाधान की प्रक्रिया में 'सूझ' (Insight) या 'अंतर्दृष्टि' के उद्भव और संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
→
मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (Gestalt Theory of Learning) के अंतर्गत, 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Theory of Insight) की संज्ञानात्मक और तात्विक प्रकृति का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के मूल संप्रत्यय और थॉर्नाडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि' सिद्धांत से इसके तात्विक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.