BaalVikas
Menu
Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 9 times

वोल्फगैंग कोहलर द्वारा सुल्तान (चिम्पांजी) पर किए गए प्रयोगों और प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Theory of Insight Learning) के अंतर्गत, समस्या समाधान के दौरान उत्पन्न होने वाली 'अकास्मिक प्रकाश' या 'अचानक समाधान' (Aha! Experience) की अवस्था का गहन संज्ञानात्मक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की वास्तविक तात्विक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों (विशेषकर वोल्फगैंग कोहलर) के अनुसार, अधिगम केवल अंधाधुंध प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण परिस्थिति को एक समग्र रूप (Gestalt) में देखने और उसके आंतरिक संबंधों को समझने की क्षमता है। जब कोई प्राणी समस्या के विभिन्न अंगों या तत्वों के बीच छिपे तार्किक संबंधों को अचानक समझ लेता है, तो उसे 'सूझ' (Insight) कहते हैं। यह विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार संज्ञानात्मक पुनर्गठन पर आधारित है।
Share:
अगला प्रश्न → गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के 'शील गुण… ← पिछला प्रश्न मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा…

Related Questions

→ गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के संदर्भ में, जब कोई अधिगमकर्ता किसी समस्या के समाधान के लिए आंशिक प्रतिक्रियाओं या क्रमिक प्रयासों के स्थान पर अचानक संपूर्ण परिस्थिति के संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) के माध्यम से लक्ष्य को प्राप्त करता है, तो इस प्रक्रिया और इसके संप्रत्ययों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की मुख्य विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा संज्ञानात्मक कौशल इस अवस्था के बालकों द्वारा सफलतापूर्वक अर्जित कर लिया जाता है, जबकि वे पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में इससे असमर्थ होते हैं? → मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (Gestalt Theory of Learning) के अंतर्गत, 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Theory of Insight) की संज्ञानात्मक और तात्विक प्रकृति का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के मूल संप्रत्यय और थॉर्नाडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि' सिद्धांत से इसके तात्विक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'अफेजिया' (Aphasia) या 'डिस्फेजिया' (Dysphasia) से ग्रसित शिक्षार्थियों में भाषा प्रसंस्करण (Language Processing), मौखिक संप्रेषण (Oral Communication) और वाक्-क्षमता की तंत्रिका-विज्ञान संबंधी (Neurological) जटिलताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस भाषा विकार की वास्तविक तात्विक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.