जीन पियाजे
Asked 1 month ago · Viewed 10 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) के गुणों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक क्षमताओं के मध्य तात्विक और विकासात्मक संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालकों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता का उदय होता है। इसके माध्यम से बालक किसी वस्तु या समस्या के एक से अधिक पहलुओं पर एक साथ ध्यान केंद्रित कर पाता है (जैसे- लंबाई और चौड़ाई दोनों को देखना)। इसी विकेंद्रीकरण की मानसिक योग्यता के कारण बालक 'संरक्षण' (Conservation) के नियम को समझ पाता है, अर्थात वह यह समझ लेता है कि किसी बर्तन के आकार या रूप में परिवर्तन होने पर भी तरल पदार्थ या वस्तु की मात्रा समान बनी रहती है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई सूचनाओं को अपने पूर्व-मौजूद स्कीमा (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है बिना उसमें कोई बदलाव किए, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालकों द्वारा विकसित किए जाने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक संज्ञानात्मक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के बालकों में पाई जाने वाली मुख्य संज्ञानात्मक सीमा या विशेषता 'विकेंद्रीकरण का अभाव' (Lack of Decentration) और 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) है। इस संदर्भ में, यदि किसी बालक को दो समान आकार के गिलासों से एक समान मात्रा का पानी एक लंबे और सँकरे गिलास में तथा दूसरे चौड़े गिलास में डाला जाए, और वह लंबे गिलास में अधिक पानी होने का दावा करे, तो पियाजे के अनुसार यह घटना किस विशिष्ट संज्ञानात्मक अक्षमता को दर्शाती है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बालक की चिंतन प्रक्रिया में कौन-सा मुख्य तात्विक एवं संज्ञानात्मक परिवर्तन प्रकट होता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बालकों द्वारा महारत हासिल किए जाने वाले मुख्य तार्किक संक्रियात्मक कौशलों—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), 'क्रमीकरण' (Seriation), और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—के संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'व्युत्क्रमणीयता' (Reversibility or Inversion) और 'पारस्परिकता' (Reciprocity) की संकल्पनाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक चरण की तार्किक संरचना को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.