BaalVikas
Menu
Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 11 times

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality Level) के दूसरे चरण यानी 'प्राधिकार एवं सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिमुखीकरण' (Authority and Social Order-Maintaining Orientation - चरण 4) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की कौन-सी मुख्य विशेषता इसके तात्विक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से दर्शाती है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'रूढ़िगत नैतिकता' (Conventional Morality) के स्तर पर व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं और सामाजिक नियमों के प्रति निष्ठावान होता है। इस स्तर के चौथे चरण (चरण 4) में 'प्राधिकार एवं सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिमुखीकरण' (Authority and Social Order-Maintaining Orientation) आता है, जहाँ यह माना जाता है कि समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कानूनों, नियमों और सामाजिक कर्तव्यों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
Share:
अगला प्रश्न → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के… ← पिछला प्रश्न सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अंतर्गत…

Related Questions

→ व्यक्तित्व (Personality) के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के प्रप्रणेता सिगमंड फ्रायड द्वारा प्रतिपादित 'चेतना के स्तर' (Levels of Consciousness)—चेतन (Conscious), अर्धचेतन (Preconscious/Subconscious), और अचेतन (Unconscious)—तथा व्यक्तित्व की संरचना से जुड़े तीन घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego), और पराहम् (Superego) के परस्पर अंतर्संबंध का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन घटकों की प्रकृति और उनके संचालन तंत्र को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के दौरान बच्चों में पाए जाने वाले 'केन्द्रीकरण' (Centration) और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation) जैसी सीमाओं के संदर्भ में, पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'द्रव्यमान एवं आयतन के संरक्षण' के प्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक विशेषता और बच्चे की तार्किक सीमाओं को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) है। इस अवस्था से संबंधित 'संयोजनवादी तर्क' (Combinatorial Reasoning) और 'समानुपातिक चिंतन' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory), तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का गहन तुलनात्मक एवं तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंधों और उनके नियंत्रण तंत्र के स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.