Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 10 times
अधिगम मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'समान तत्वों के सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) तथा इवान पावलव व बी.एफ. स्किनर के शास्त्रीय और क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Classical and Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं प्रायोगिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सिद्धांतों के तात्विक और शिक्षण-शास्त्रीय स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थॉर्नडाइक के उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) सिद्धांत, पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) तथा स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के बीच गहरा तात्विक संबंध है। थॉर्नडाइक ने 'प्रभाव नियम' (Law of Effect) दिया जिस पर स्किनर का क्रियाप्रसूत सिद्धांत आधारित है। पावलव का सिद्धांत प्रतिवर्त क्रियाओं (Reflex Actions) और अनुबंधित साहचर्य से जुड़ा है। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अब्राहम मास्लो के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के…
← पिछला प्रश्न
भारतीय शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा…
Related Questions
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की सततता और निरंतरता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) तथा 'विकास की व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के परस्पर अंतर्संबंध और व्यावहारिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) के सापेक्षिक प्रभावों तथा उनके अंतःक्रियात्मक स्वरूप (Interactionist Perspective) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, रॉबर्ट एन. प्लॉमिन् (Robert Plomin) और अन्य行为 генетиков (Behavior Geneticists) के शोध निष्कर्षों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धाराओं के अंतर्संबंधों का गहन शिक्षण-शास्त्रीय और विधिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों द्वारा बाल-केन्द्रित शिक्षा और समावेशी परिवेश के निर्माण में निर्धारित दृष्टिकोण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बाल विकास के सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Sequence) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, मस्तकधोमुखी प्रवृत्ति (Cephalocaudal Trend) और निकट-दूर प्रवृत्ति (Proximodistal Trend) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.