समावेशी शिक्षा
Asked 1 month ago · Viewed 10 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'समावेशीकरण' (Inclusion) और 'एकीकरण' (Integration) के संप्रत्ययों का गहन तात्विक और शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य पाए जाने वाले मूलभूत अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा के अंतर्गत 'एकीकरण' (Integration) और 'समावेशीकरण' (Inclusion) दो अलग-अलग अवधारणाएँ हैं। एकीकरण में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है, लेकिन यहाँ मुख्य अपेक्षा यह होती है कि बालक स्वयं को मौजूदा विद्यालयी परिवेश के अनुकूल ढाले। इसके विपरीत, 'समावेशीकरण' इस बात पर जोर देता है कि विद्यालयी प्रणाली, पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियाँ और भौतिक ढाँचा स्वयं को इस प्रकार परिवर्तित करें कि वे प्रत्येक विशिष्ट और सामान्य बालक की विविध आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इस संदर्श को गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनीवर्सल डिजाइन फॉर…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा के अंतर्गत गंभीर और बहु-विकलांगता (Multiple…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 'अधिकार अधिनियम (RPwD Act 2016)' के प्रावधानों तथा 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय संवेदी, शारीरिक, बौद्धिक या बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बालकों के साथ मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यचर्या में लचीलापन, सुगम्यता (Accessibility) और सहायक तकनीकी (Assistive Technology) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षाशास्त्र के इन तात्विक एवं वैधानिक मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का मुख्य उद्देश्य कक्षा-कक्ष में विविध आवश्यकताओं वाले शिक्षार्थियों (विशेषकर विकलांग और अधिगम अक्षमता वाले बच्चों) के लिए शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इस संदर्भ में, UDL के तीन प्रमुख प्रा-रूपी सिद्धांत निम्नलिखित में से कौन से हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के संदर्भ में 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, विधिक और संरचनात्मक विकास का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय प्रणाली ऐसी व्यवस्था का निर्माण करती है जहाँ सामान्य विद्यालयों के कछिकक्षीय वातावरण, पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियों और भौतिक अवसंरचना में इस प्रकार का मूलभूत रूपांतरण किया जाता है कि विभिन्न प्रकार की अक्षमताओं (शारीरिक, मानसिक, संवेदी या सामाजिक) से ग्रसित बच्चे और सामान्य बच्चे बिना किसी अलगाव के एक ही छत के नीचे सह-अधिगम करते हैं, तो इस आधुनिक समावेशी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए सहायक प्रौद्योगिकी (Assistive Technology) और अनुकूली उपकरणों (Adaptive Devices) के उपयोग का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन उपकरणों की कक्षा-कक्षीय प्रासंगिकता और उनके वास्तविक उद्देश्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) और राइट्स ऑफ़ पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज एक्ट (RPWD Act 2016) द्वारा समर्थित 'बैरियर-फ्री एनवायरनमेंट' (Barrier-Free Environment) तथा 'सार्वभौमिक डिजाइन' (Universal Design) के सिद्धांतों का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, भौतिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक बाधाओं को दूर करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सर्वाधिक प्रामाणिक एवं प्रभावी माना जाता है?
→
समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत 'समावेशी अधिगम परिवेश' (Inclusive Learning Environment) के निर्माण में आने वाली प्रमुख मनोवैज्ञानिक एवं संरचनात्मक बाधाओं तथा उनके निवारण हेतु अपनाई जाने वाली 'विभेदीकृत शिक्षण रणनीतियों' (Differentiated Teaching Strategies) का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रक्रिया के वास्तविक तात्विक और शैक्षणिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम प्रारूप' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का गहन शैक्षणिक विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन दोनों रणनीतियों के मध्य उनके तात्विक और कार्यात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.