BaalVikas
Menu
Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 8 times

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डिवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा जॉन डीवी द्वारा स्थापित 'प्रयोगशाला विद्यालयों' (Laboratory Schools) के अनुभवों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली के मूलार्ह और तात्विक स्वरूप की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?

Detailed Explanation

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) बाल-केंद्रित शिक्षा का एक प्रमुख रूप है, जिसके प्रणेता जॉन डिवी थे। इसके अनुसार विद्यालय केवल ज्ञान प्राप्त करने का स्थान नहीं बल्कि एक सामाजिक संस्था है जहाँ बच्चे वास्तविक जीवन की समस्याओं और अनुभवों के माध्यम से सीखते हैं। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Share:
अगला प्रश्न → अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of… ← पिछला प्रश्न अधिगम (Learning) के मनोविज्ञान के अंतर्गत 'अधिगम के पठार'…

Related Questions

→ राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संकेंद्रित एवं अंतर्संबंधित प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, इन दोनों दस्तावेजों द्वारा विद्यालयों में 'बाल-केंद्रित शिक्षा' (Child-Centered Education), 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना' तथा 'रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति' के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम सर्वाधिक मौलिक और संवैधानिक रूप से अनिवार्य माना गया है? → बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रस्तुत किए गए मानसिक योग्यताओं के वर्गीकरण का गहन विश्लेषण करने पर, जब बौद्धिक आयामों—'संक्रिया' (Operations), 'सामग्री' (Contents) और 'उत्पाद' (Products)—की कुल स्वतंत्र इकाई का गुणात्मक संयोजन किया जाता है, तो मूल मॉडल में प्रारंभिक रूप से कितनी बौद्धिक क्षमताओं का निर्माण होता है और बाद के संशोधनों में यह संख्या बढ़कर कितनी हो गई थी? → क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की कार्यप्रणाली के अंतर्गत कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित चक्रीय मॉडल (Cyclic Model) तथा स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) द्वारा विकसित व्यावहारिक दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशिष्ट शिक्षण विधि की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के लिए 'योजना-क्रियान्वयन-अवलोकन-चिंतन' (Plan-Act-Observe-Reflect) चक्र का बार-बार प्रयोग करता है, तो इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य और मौलिक तात्विक स्वरूप निम्नलिखित में से किससे सबसे अधिक मेल खाता है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब एक नियमित कक्षा-कक्ष में स्वलीनता स्पेक्ट्रम विकार (Autism Spectrum Disorder - ASD) से पीड़ित विद्यार्थियों और बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) वाले बच्चों का समावेशन किया जाता है, तब 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के साथ-साथ 'व्यवहार के कार्यात्मक आकलन' (Functional Behavior Assessment - FBA) और 'सकारात्मक व्यवहार समर्थन' (Positive Behavior Support - PBS) का एक साथ प्रयोग करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा विशिष्ट शिक्षण उपागम इन बालकों की संवेदी, संप्रेषणात्मक और संज्ञानात्मक आवश्यकताओं को सर्वाधिक वैज्ञानिक और प्रभावी ढंग से संतुलित करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.