राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अंतर्गत ज्ञान के निर्माण (Construction of Knowledge), रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति, और बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र के तात्विक एवं संज्ञानात्मक आधारों का विश्लेषण करने पर, यह दस्तावेज पियाजे, वाइगोत्स्की और ब्रूनर के किस संयुक्त मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनी केंद्रीय शिक्षण-पद्धति का आधार बनाता है?
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Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) रचनावाद (Constructivism) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार ज्ञान बाहरी रूप से थोपा नहीं जाता बल्कि शिक्षार्थी द्वारा सक्रिय रूप से निर्मित किया जाता है। इसमें जीन पियाजे, लेव वाइगोत्स्की और जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक और सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांतों का गहरा प्रभाव है, जो यह मानते हैं कि बच्चे अपने सामाजिक परिवेश और अन्वेषण के माध्यम से सीखते हैं। इस संदर्भ में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के…
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि प्राथमिक स्तर पर शिक्षण का माध्यम मातृभाषा (Mother Tongue) ही होना चाहिए और यह अधिगम प्रक्रिया को किस प्रकार मनोवैज्ञानिक और संवैधानिक रूप से मजबूती प्रदान करता है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और सटीक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
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लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) और 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' (Role of Language in Cognitive Development) के तात्विक और शैक्षणिक निहितार्थों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास और सामाजिक अंतःक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा जॉन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-रचनावादी दृष्टिकोणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के दार्शनिक एवं विधिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, बाल-केंद्रित शिक्षा, ज्ञान के निर्माण (Construction of Knowledge), और रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning) को हतोत्साहित करने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संकेंद्रित एवं अंतर्संबंधित प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, इन दोनों दस्तावेजों द्वारा विद्यालयों में 'बाल-केंद्रित शिक्षा' (Child-Centered Education), 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना' तथा 'रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति' के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम सर्वाधिक मौलिक और संवैधानिक रूप से अनिवार्य माना गया है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संस्तुतियों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की वैधानिक धाराओं का गहन शैक्षणिक एवं विधिक विश्लेषण करने पर, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE), उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching), और बाल-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्निहित उद्देश्यों के मध्य सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक समरूपता को स्पष्ट करता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम' (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन शैक्षणिक एवं विधिक विश्लेषण करने पर, ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने, रटने की प्रणाली से मुक्त करने, और कक्षा-कक्ष को लचीली व समावेशी प्रणालियों से एकीकृत करने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्निहित दार्शनिक और व्यावहारिक स्वरूप की सबसे प्रामाणिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
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