अब्राहम मैस्लो के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अनुसार, मानव अभिप्रेरणा में 'कमी संबंधी आवश्यकताएं' (Deficiency Needs / D-needs) और 'विकास संबंधी आवश्यकताएं' (Growth Needs / B-needs) के मध्य एक स्पष्ट पदानुक्रमित विभाजन पाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी प्राथमिक आवश्यकताओं की संतुष्टि के पश्चात संबंधन और आत्म-सम्मान की आवश्यकताओं को प्राप्त करने का निरंतर प्रयास कर रहा है, तो मैस्लो के इस सिद्धांत के तात्विक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों श्रेणियों के मध्य के सबसे सटीक अंतर और अभिप्रेरणात्मक गतिशीलता को स्पष्ट करता है?
Detailed Explanation
अब्राहम मैस्लो के मानवतावादी सिद्धांत के अनुसार, प्रेरणा का आधार मनुष्य की विभिन्न आवश्यकताएं हैं जिन्हें उन्होंने पदानुक्रम में व्यवस्थित किया है। इसमें शुरुआती स्तर की आवश्यकताएं जैसे शारीरिक, सुरक्षा, और अपनेपन की मांग 'कमी संबंधी आवश्यकताएं' (Deficiency Needs या D-needs) कहलाती हैं क्योंकि इनकी पूर्ति शरीर या मन की किसी कमी को दूर करके संतुलन (Homeostasis) स्थापित करती है और एक बार संतुष्ट होने पर इनकी प्रेरणा कम हो जाती है। इसके विपरीत, पदानुक्रम के शीर्ष पर स्थित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) जैसी आवश्यकताएं 'विकास संबंधी आवश्यकताएं' (Growth Needs या B-needs) हैं जो बाहरी कमी से नहीं बल्कि आंतरिक पोटेंशियल के विस्तार से जुड़ी होती हैं और संतुष्ट होने पर कम होने के बजाय और अधिक प्रखर होती हैं। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।