समावेशी शिक्षा
Asked 1 month ago · Viewed 10 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत कक्षा-कक्ष में विभिन्न विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों की विविध अधिगम शैलियों को समायोजित करने के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण का समर्थन करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) एक ऐसा दृष्टिकोण है जो सीखने की बाधाओं को दूर करने के लिए लचीले पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियों और मूल्यांकन के तरीकों का समर्थन करता है। इसके तहत पाठ्यक्रम को इस प्रकार से डिज़ाइन किया जाता है कि वह प्रारंभ से ही विभिन्न योग्यताओं, अक्षमताियों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों वाले प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे'…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले बालकों की विविध अधिगम शैलियों को समायोजित करना है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी कक्षा-कक्षीय रणनीति 'विभेदीकृत अनुदेशन' के मूल सिद्धांतों के सबसे अधिक अनुकूल है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की पद्धति को लागू करते समय एक शिक्षक को निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षणिक रणनीति का सबसे अधिक ध्यान रखना चाहिए?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs) के प्रभावी शिक्षण हेतु 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम इस शिक्षण पद्धति के वास्तविक तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण-अधिगम उपागमों (Pedagogical Approaches) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों—प्राप्ति के बहुविध साधन, अभिव्यक्ति के बहुविध साधन, और जुड़ाव के बहुविध साधन—का सूक्ष्म और तार्किक विश्लेषण करने पर, सामान्य कक्षा-कक्षों में विविध अधिगमकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सी परिकल्पना सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिव्यक्ति का बहु-साधन (Multiple Means of Expression), सहभागिता का बहु-साधन (Multiple Means of Engagement), और प्रतिनिधित्व का बहु-साधन (Multiple Means of Representation)—का गहन शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्ष में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) के समावेशन के लिए कौन-सा कथन इन सिद्धांतों के वास्तविक क्रियान्वयन को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के प्रभावी शिक्षण हेतु 'विभेदीकृत निर्देश' (Differentiated Instruction) तथा 'समावेशी कक्षा-कक्ष प्रबंधन' के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के बीच के वास्तविक और व्यावहारिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'विभेदीकृत निर्देश' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प एक समावेशी कक्षा-कक्ष में इन दोनों रणनीतियों के बीच के सबसे सटीक तात्विक और व्यावहारिक संबंध को रेखांकित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.