सिगमंड फ्रायड
Asked 1 month ago · Viewed 11 times
सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में व्यक्तित्व की संरचना करने वाले तीन प्रमुख मानसिक तंत्रों—इदम (Id), अहम् (Ego), और पराअहम् (Superego)—के पारस्परिक गत्यात्मक संघर्ष और उनके नियामक सिद्धांतों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के बीच के संबंधों और उनकी कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व का विकास इदम (Id), अहम् (Ego) और पराअहम् (Superego) की अंतःक्रिया पर आधारित होता है। इदम पूरी तरह से अचेतन और 'सुख के सिद्धांत' पर कार्य करता है, पराअहम् नैतिकता और आदर्शवादी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि अहम् 'वास्तविकता के सिद्धांत' पर कार्य करते हुए इन दोनों विरोधी ताकतों तथा बाहरी वास्तविक दुनिया के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास करता है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनो-लैंगिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
← पिछला प्रश्न
सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनो-लैंगिक विकास…
Related Questions
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, जब कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) से गुजरता है, तो इस चरण में उत्पन्न होने वाली 'ईडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के समाधान के रूप में बालक अपनी समान लिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया फ्रायड के व्यक्तित्व के किस संरचनात्मक तंत्र के अत्यधिक सक्रिय होने का प्रत्यक्ष परिणाम होती है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage) में बालकों द्वारा अनुभव की जाने वाली 'ईडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) और बालिकाओं द्वारा अनुभव की जाने वाली 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) की गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था (लगभग 3 से 6 वर्ष) के दौरान व्यक्तित्व विकास और पहचान निर्माण (Identification) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के संदर्भ में, 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) के दौरान यदि माता-पिता द्वारा बच्चे को शौच-प्रशिक्षण (Toilet Training) अत्यधिक कठोरता या अत्यधिक अनुग्रह के साथ दिया जाता है, तो फ्रायड के अनुसार वयस्क व्यक्तित्व में किस प्रकार के विपरीत लक्षण (Character Traits) उत्पन्न हो सकते हैं?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मुखीय अवस्था' (Oral Stage) से लेकर 'जननांग अवस्था' (Genital Stage) तक के संपूर्ण विकास क्रम में, बच्चों के मनोवैज्ञानिक ऊर्जा (लिबिडो) के विस्थापन और विभिन्न एरोजनस जोन (Erogenous Zones) के सक्रियण का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की समग्र तात्विक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास के सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के संदर्भ में, 'गुदीय अवस्था' (Anal Stage) के दौरान बालकों में टॉयलेट ट्रेनिंग (शौचालय प्रशिक्षण) के अनुभव का उनके भावी व्यक्तित्व के विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस अवस्था में अत्यधिक कठोर या अनुचित प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप यदि व्यक्तित्व में 'गुदीय-दमनकारी' (Anal-retentive) या 'गुदीय-अवदमनकारी' (Anal-expulsive) शील गुणों का विकास होता है, तो फ्रायड के मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार इन दोनों प्रवृत्तियों से जुड़े विशिष्ट लक्षण निम्नलिखित में से किस युग्म में सबसे सटीक रूप से प्रदर्शित होते हैं?
→
सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोविश्लेषणवादी सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना—इदम (Id), अहम् (Ego) और पराअहम् (Superego)—तथा उनके द्वारा प्रतिपादित रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) के मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'दमन' (Repression) और 'प्रक्षेपण' (Projection) के बीच के तात्विक एवं कार्यात्मक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक अपनी आयु के प्रारंभिक वर्षों में अपनी कामुक ऊर्जा (Libido) के केंद्र बिंदु के रूप में मल त्याग के नियंत्रण, शौच से संबंधित स्वायत्तता और माता-पिता के प्रशिक्षण के साथ संघर्ष की स्थिति का अनुभव कर रहा है, तो फ्रायड के अनुसार यह अवस्था निम्नलिखित में से किस विकासात्मक चरण को दर्शाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.